छत्तीसगढ़

नियद नेल्लानार

 क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता की नई लहर

150 डबरी निर्माण के साथ अब मछली पालन का मिला प्रशिक्षण

सुकमा, 16 जनवरी 2026/sns/- मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुकमा जिले के दूरस्थ श्नियद नेल्लानारश् क्षेत्रों में मनरेगा और मत्स्य पालन का अनूठा संगम ग्रामीणों के जीवन में खुशहाली का नया संचार कर रहा है। जिला प्रशासन की पहल पर इस सत्र में स्वीकृत 150 आजीविका डबरियों के माध्यम से न केवल खेती को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि 30 चयनित हितग्राहियों को वैज्ञानिक पद्धति से मछली पालन का विशेष प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर किया जा रहा है। कलेक्टर श्री अमित कुमार और जिला सीईओ श्री मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन में ग्रामीण स्वरोजगार केंद्र द्वारा प्रदत्त इस तकनीकी ज्ञान से अब वनांचल के ग्रामीणों को गाँव में ही स्वरोजगार उपलब्ध हो रहा है, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और वे अपने परिवार को बेहतर शिक्षा एवं सुविधाएँ प्रदान कर एक उज्ज्वल भविष्य की नींव रख सकेंगे।
     पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तत्वाधान में आर सेटी सुकमा में आयोजित मत्स्य पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम ने सुदूर क्षेत्रों के ग्रामीणों के लिए स्वावलंबन के नए द्वार खोल दिए हैं। इसका जीवंत उदाहरण कोंटा विकासखंड के पालेम निवासी श्री सोमारू हैं, जिन्होंने प्रशिक्षण के दौरान मछली के जीवनचक्र की बारीकियों को न केवल तकनीकी रूप से समझा, बल्कि उसे रेखाचित्रों के माध्यम से आत्मसात भी किया। श्री सोमारू का मानना है कि इस प्रकार के उन्नत और तकनीकी कौशल विकास से वे भविष्य में मछली पालन को एक सफल व्यवसाय के रूप में अपनाकर आत्मनिर्भर बन सकेंगे। शासन की इस जनकल्याणकारी योजना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया है, जो ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक सार्थक कदम है।

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