छत्तीसगढ़

विश्व कैंसर दिवस 2026 बस्तर कैंसर-मुक्त संकल्प के साथ स्कूली बच्चों की भावुक अपील

जगदलपुर, 3 फरवरी 2026/sns/- विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर बुधवार 4 फरवरी को बस्तर जिला एक अनूठी और संवेदनशील पहल का गवाह बनने जा रहा है। यूनाइटेड बाय यूनिक की वैश्विक थीम को आत्मसात करते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग ने बस्तर कैंसर-मुक्त संकल्प अभियान का आगाज किया है, जिसका उद्देश्य केवल उपचार नहीं, बल्कि जन-जागरूकता के माध्यम से बीमारी को जड़ से मिटाना है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जारी विस्तृत कार्ययोजना के अनुसार, यह आयोजन इस वर्ष सरकारी औपचारिकता से बढ़कर एक जन-आंदोलन का रूप लेगा, जिसमें 30 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों की ओरल, ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर की सघन जांच के लिए जिले के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को युद्धस्तर पर तैयार किया गया है।  इस अभियान में मानवीय संवेदनाओं और प्रेरणा को मुख्य स्थान दिया गया है। बस्तर के जांबाज कार्यक्रम के तहत कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी को मात देने वाले स्थानीय विजेताओं (सरवाइवर्स) को चाय पे चर्चा के लिए आमंत्रित किया जाएगा, ताकि वे अपने संघर्ष और जीत की दास्तां साझा कर अन्य मरीजों में उम्मीद की किरण जगा सकें। समाज को नशामुक्त करने की दिशा में भी एक रचनात्मक कदम उठाते हुए प्रत्येक स्वास्थ्य संस्था में उम्मीद की दीवार तैयार की जाएगी, जिस पर नागरिक नशा त्यागने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लेते हुए अपने हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान अंकित करेंगे।  
अभियान की सबसे भावुक और प्रभावशाली कड़ी स्कूली बच्चों को बनाया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से स्कूलों में एक विशेष गतिविधि आयोजित की जा रही है, जिसके तहत छात्र-छात्राएं अपने माता-पिता के नाम एक संकल्प पत्र लिखेंगे। इन पत्रों के माध्यम से बच्चे अपने अभिभावकों से नशा छोड़ने, कैंसर से बचाव के उपाय अपनाने और समय पर जांच कराने का वचन मांगेंगे। प्रत्येक विद्यालय से चयनित पांच सर्वश्रेष्ठ और प्रभावशाली पत्रों को जिला कार्यालय भेजा जाएगा, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और सम्मान दिलाने का प्रयास किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि बड़ों की अपील शायद अनसुनी हो जाए, लेकिन बच्चों द्वारा कागज पर उकेरी गई भावनाएं अभिभावकों को अपनी जीवनशैली बदलने पर मजबूर जरूर करेंगी। इन सभी गतिविधियों की निगरानी और रिपोर्टिंग के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं ताकि 2026 का यह संकल्प बस्तर को स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नई पहचान दिला सके।

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