जगदलपुर, 01 अप्रैल 2026/sns/- राजस्व संबंधी समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए राज्य शासन द्वारा चलाए जा रहे राजस्व पखवाड़ा 2026 के अंतर्गत बस्तर संभाग में जमीनी स्तर पर कार्य तेज हो गया है। इसी तारतम्य में बुधवार को कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह ने जगदलपुर तहसील के ग्राम आड़ावाल और नानगुर तहसील के ग्राम साड़गुड़ में आयोजित विशेष राजस्व शिविरों का आकस्मिक निरीक्षण किया। शिविर स्थल पर पहुँचकर उन्होंने अधिकारियों कोे निर्देश दिए कि राजस्व प्रकरणों का संवेदनशीलता के साथ निराकरण करें, राजस्व संबधी कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए और आम जनता को सहूलियत प्रदान कर शिविर में ही समाधान उपलब्ध कराया ज
कमिश्नर श्री सिंह ने निरीक्षण के दौरान विशेष रूप से अविवादित नामांतरण और बंटवारा के लंबित प्रकरणों पर ध्यान केंद्रित करते हुए इनका समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों की बैठक में उक्त प्रकरणों को मौके पर निराकृत किया जाए। उन्होंने नक्शा बटांकन के कार्य को प्राथमिकता देकर शत-प्रतिशत पूर्ण किये जाने के निर्देश दिए। साथ ही डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए उन्होंने प्रत्येक भूमि स्वामी के खातों में आधार नंबर और मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में किसानों को योजनाओं का लाभ सीधे मिल सके।
कमिश्नर ने ग्रामीणों को राहत पहुँचाने की दिशा में आरबीसी 6-4 के तहत लंबित राहत प्रकरणों का भी त्वरित निपटारा करने को कहा और मौके पर ही खसरा एवं बी-1 जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज प्रदाय करने के निर्देश दिए। शिविर की सार्थकता को बढ़ाने के लिए उन्होंने प्रचार-प्रसार की रणनीति पर बल देते हुए कहा कि किसी भी शिविर के आयोजन से पूर्व संबंधित क्षेत्र में व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जाए। इसके लिए उन्होंने मैदानी अमले को सक्रिय रह कर ग्रामीणों को जानकारी देने सहित कोटवारों के माध्यम से गांव-गांव में मुनादी करवाने की बात कही, ताकि अंतिम छोर के व्यक्ति भी शिविर के माध्यम से लाभान्वित हो सकंे। इसके साथ ही शिविर स्थल में फ्लेक्स-बैनर लगाए जाने कहा। कमिश्नर ने अपने निरीक्षण भ्रमण के दौरान पंचायत पदाधिकारियों सहित पटेल-कोटवार एवं ग्रामीणों से रूबरू होकर पेयजल, बिजली, एवं स्वास्थ्य सुविधा की उपलब्धता के बारे में चर्चा की और उचित मूल्य दुकान से नियमित तौर पर खाद्यान्न एवं अन्य सामग्रियों की सुलभता, स्कूल में शिक्षकों की पदस्थापना और सचिव-पटवारी एवं अन्य मैदानी अमले की सेवाओं के बारे में जानकारी ली। इस दौरान संबधित तहसीलदार एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।


