छत्तीसगढ़

कृषि विज्ञान केंद्र सुकमा में उमड़ा किसानों का उत्साह नई तकनीकों ने खींचा ध्यान सुकमा में दो दिवसीय किसान मेला सह प्रदर्शनी का सफल आयोजन

सुकमा, 24 अक्टूबर 2025/sns/- रजत जयंती वर्ष 2025 के उपलक्ष्य में एक्सटेंशन रिफॉर्म्स (आत्मा) योजना अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र सुकमा में 17 एवं 18 अक्टूबर को दो दिवसीय किसान मेला सह प्रदर्शनी का सफल आयोजन किया गया। कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में आयोजित इस मेले का आयोजन कृषि, पशुपालन, मत्स्यपालन, उद्यानिकी, केडा तथा कृषि विज्ञान केंद्र सुकमा के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
मेले में किसानों के लिए पी.एम. किसान सम्मान निधि पंजीयन, किसान क्रेडिट कार्ड निर्माण सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं नवीन कृषि तकनीकों की जानकारी हेतु विभागों द्वारा आकर्षक स्टॉल लगाए गए, जिनका बड़ी संख्या में उपस्थित किसानों ने अवलोकन किया।
कार्यक्रम के प्रथम दिवस में जनपद अध्यक्ष श्रीमती देवली बाई नाग, सरपंच श्री मुका राम नाग, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री धनीराम बारसे एवं पूर्व जनपद अध्यक्ष श्री सुकालू राम नाग उपस्थित रहे। द्वितीय दिवस के मुख्य अतिथि श्रीमती सोयम मंगम्मा (अध्यक्ष, जिला पंचायत सुकमा), श्री सोयम मुका (सभापति, कृषि स्थायी समिति), तथा श्रीमती गीता कवासी (जिला पंचायत सदस्य) रहीं।
कार्यक्रम में जिले के तीनों विकासखंडों से लगभग 1500 किसान भाई-बहन एवं कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने इस अवसर पर विभिन्न विषयों पर वैज्ञानिक परिचर्चा एवं तकनीकी सत्रों का आयोजन किया। उप संचालक कृषि श्री पी.आर.बघेल ने अपने उद्बोधन में एग्रीस्टैक, पीएम किसान सम्मान निधि, एवं किसान क्रेडिट कार्ड योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने का आग्रह किया।
वैज्ञानिक सत्रों में श्री राजेन्द्र प्रसाद कश्यप (पौध रोग वैज्ञानिक) ने तिल की उन्नत किस्म “उन्नत रामा” की विशेषताएँ बताते हुए तिलहन उत्पादन में संतुलित पोषण एवं कीट-रोग नियंत्रण पर मार्गदर्शन दिया। डॉ. परमानंद (कृषि अभियांत्रिकी वैज्ञानिक) ने आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग से श्रम व समय की बचत के उपाय बताए। डॉ. योगेश कुमार सिदार (कीट वैज्ञानिक) ने धान फसल में जैविक कीट एवं व्याधि नियंत्रण की तकनीक साझा करते हुए पर्यावरण-अनुकूल खेती अपनाने का आह्वान किया। डॉ. संजय सिंह राठौर (मत्स्य पालन विशेषज्ञ) ने मत्स्य पालन को किसानों की आय वृद्धि का प्रभावी साधन बताते हुए इस क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी।
कार्यक्रम का समापन 18 अक्टूबर को प्रशस्ति पत्र वितरण, कृषि आदान सामग्री वितरण एवं समापन समारोह के साथ हुआ।
जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने स्टॉलों का अवलोकन कर किसानों से संवाद किया तथा नवीन तकनीकों व सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *