छत्तीसगढ़

मनरेगा लेबर बजट निर्माण में सामाजिक सहभागिता हेतु पहल


बीजापुर, 20 अगस्त 2025/sns/- महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में ग्राम पंचायत में जाबकार्डधारी परिवारों को मांग के आधार पर कार्य उपलब्ध कराये जाते हैं। मनरेगा योजनांतर्गत कार्यों की स्वीकृति के लिए ग्राम सभा में अनुमोदन होना आवश्यक है। 20 अगस्त से आयोजित होने वाले ग्राम सभा के दिन में लेबर बजट बनाने की शुरूआत की जावेगी। उक्त  जानकारी सोमवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में लेबर बजट के प्रशिक्षण में दी गई। कलेक्टर श्री संबित मिश्रा के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमति नम्रता चैबे के निर्देशन में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लेबर बजट बनाने हेतु दिया गया। जनपद पंचायत बीजापुर सभाकक्ष में मंगलवार को ग्राम पंचायतों के सरपंच सचिव एवं रोजगार सहायकों को सहायक परियोजना अधिकारी श्री मनीष सोनवानी ने प्राकृतिक संसाधन  प्रबंधन के कार्य को प्राथमिकता से लेने एवं ग्राम सभा में कार्यों का प्राथमिकता क्रम तय करने के साथ भौगोलिक क्षेत्र और संसाधनों को दर्शाने  मानचित्र निर्माण करने की प्रक्रिया से अवगत कराया।
आई.पी.पी.ई. गहन सामाजिक सहभागिता नियोजन अभ्यास के माध्यम से सामाजिक मानचित्र के आधार पर पंजीकृत परिवारों द्वारा रोजगार की मांग का आंकलन, मौसम आधारित मात्रचित्र के आधार पर माहवार नरेगा के कार्य दिवस खोले जाने का आंकलन, प्राकृतिक संसाधन मानचित्र एवं ट्रांजिट वाॅक के माध्यम से लेबर बजट में लिये जाने वाले कार्यों का चिन्हांकन किया जाता है।
मनरेगा अंतर्गत श्रम-सामग्री का अनुपात 60-40 का होने की जानकारी देने के अलावा योजनांतर्गत 266 प्रकार के अनुमय कार्य की सूची भी प्रदान की गई। जिसे लेबर बजट में लिया जा सकता है। प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के कार्यों में 65 प्रतिशत एवं कृषि एवं उससे जुड़े गतिविधियों से संबंधित कार्यों में 60 प्रतिशत के आधार पर लिया जाना आवश्यक है। जिला स्तरीय प्रशिक्षण में चारो विकासखंड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी की उपस्थिति में कार्यक्रम अधिकारी, तकनीकी सहायक भी शामिल हुए।

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