मुंगेली, 14 मार्च 2026/sns/- जिले में लगातार बढ़ते तापमान और संभावित हीटवेव की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। जारी एडवाइजरी के अनुसार हीटवेव के दौरान शरीर में हीट रैश, मांसपेशियों में ऐंठन, चक्कर आना, सिरदर्द, अत्यधिक प्यास लगना तथा उल्टी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। गंभीर स्थिति में शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक हो जाने पर हीट स्ट्रोक की स्थिति बन सकती है, जिसे चिकित्सकीय आपातकाल माना जाता है। ऐसे में लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय सलाह लेने की सलाह दी गई है।
कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने आमजनों से अपील की है कि गर्मी के मौसम में सावधानी बरतें और लू से बचाव के लिए आवश्यक उपाय अपनाएं। गर्मी के मौसम में अधिक से अधिक पानी पिएं तथा हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनें। अधिक पसीना आने की स्थिति में ओआरएस का घोल पीने की सलाह दी गई है। चक्कर या मितली महसूस होने पर छायादार स्थान पर आराम करें तथा ठंडा पेयजल, फलों का रस, लस्सी या मठा का सेवन करें। साथ ही दोपहर 12 बजे से 03 बजे के बीच तेज धूप में बाहर निकलने से बचें। अत्यावश्यक होने पर बाहर निकलते समय सिर और कान को कपड़े से ढककर रखें। इसके साथ ही नींबू पानी, छाछ और मौसमी फलों का अधिक सेवन करें, जिससे शरीर में पानी की कमी न हो।
प्रशासन ने जिले के जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हीट स्ट्रोक प्रबंधन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इन स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त मात्रा में ओआरएस, आईवी फ्लूड, आवश्यक दवाइयों और शीतलन संबंधी सुविधाओं की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा सभी शासकीय अस्पतालों में ओआरएस कॉर्नर स्थापित करने तथा आशा कार्यकर्ताओं और मितानिनों के दवा किट को भी रिफिल करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जा सके। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा ने बताया कि बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं तथा खुले में काम करने वाले श्रमिकों को गर्मी और हीटवेव से सबसे अधिक जोखिम रहता है। ऐसे लोगों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। यदि किसी व्यक्ति में तेज बुखार, बेहोशी, अत्यधिक कमजोरी, भ्रम या पसीना बंद होने जैसे लक्षण दिखाई दें तो उसे तुरंत ठंडी जगह पर ले जाकर 108 एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि गर्मी से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए समय पर सावधानी और जागरूकता सबसे प्रभावी उपाय है, इसलिए आम नागरिकों को भी सतर्क रहकर लू से बचाव के उपाय अपनाने और स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेने कहा जा रहा है।


