दुर्ग, 23 मार्च 2026/sns/-उल्लास साक्षरता कार्यक्रम अंतर्गत बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान आंकलन परीक्षा का आयोजन 22 मार्च 2026 को किया गया। जिसमें 18 वर्ष एवं उससे अधिक आयु वर्ग के असाक्षर जिन्हें स्वयंसेवी शिक्षकों के माध्यम से 200 घण्टे का अध्यापन कराकर साक्षर किया गया, उन्हें सम्मिलित किया गया। तीनों विकासखण्डों में परीक्षा हेतु कुल 316 केन्द्र बनायें गये। परीक्षा का समय शिक्षार्थियों की सुविधा अनुसार प्रातः 10 बजे से 5 बजे तक निर्धारित किया जिसमें प्रत्येक शिक्षार्थी के लिये 03 घण्टें का समय आबंटित था । परीक्षा के दौरान पूरे केन्द्रों में उल्लासमय वातावरण था। जहाँ शिक्षार्थी परीक्षा देने के लिये बहुत उत्साहित दिखे। हर केन्द्र में परीक्षार्थियों का स्वागत तिलक लगाकर, कहीं फूल-माला पहनाकर तो कही बैण्ड बाजे के साथ स्वागत किया गया। परीक्षा केन्द्रों में 18 से लेकर लगभग 80-85 साल के बुजुर्ग भी बड़ी गम्भीरता से प्रश्न पत्र हल करते पाये गये । कुछ केन्द्रों में पति-पत्नि, सास-बहु, एक साथ बैठकर परीक्षा देते हुये तो कही माँ बच्चे को गोद में बैठाकर परीक्षा देते हुये दिखाई दिये। परीक्षा के पूर्व घर-घर सम्पर्क कर शिक्षार्थियों को परीक्षा हेतु कही पीला चांवल देकर, कही विद्यार्थियों के द्वारा आमंत्रण कार्ड बनाकर कही तिलक लगाकर परीक्षा तिथि को परीक्षा केन्द्र में उपस्थित होने हेतु आमंत्रित किया गया ।
परीक्षा के सुचारू संचालन के लिये जिला, विकासखण्ड एवं संकुल स्तर पर मॉनिटरिंग दल का गठन किया गया। सभी स्तर के अधिकारियों के द्वारा केन्द्रों का सघन मॉनिटरिंग किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविंद कुमार मिश्रा के द्वारा विकासखण्ड धमधा, डॉ पुष्पा पुरूषोतम जिला नोडल अधिकारी के द्वारा विकास पाटन एवं श्री विनोद सिन्हा जिला मिशन समन्वयक द्वारा विकासखण्ड दुर्ग के विभिन्न केन्द्रों का अवलोकन किया गया। इनके अलावा उल्लास साक्षरता कार्यक्रम के जिले के ब्रांड एम्बेसडर डॉ. विश्वनाथ पाणिग्रही द्वारा भी विभिन्न केन्द्रों का अवलोकन किया गया । यह परीक्षा एनआईओएस द्वारा आयोजित है। इसमें उत्तीर्ण होने वाले शिक्षार्थियों को साक्षर होने का प्रमाण पत्र एनआईओएस, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (National Institute of Open Schooling) द्वारा दिया जाता है। प्रश्न पत्र में तीन खंड होते हैं जिसमें पढ़ना, लिखना और गणितीय कौशल से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।

