राजनांदगांव, 20 मार्च 2026/sns/-छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज ने डिजिटल प्रशासन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ”ई-ऑफिस प्रणाली“ के लिए अनुकरणीय कदम बढाया है। राजधानी रायपुर स्थित मुख्यालय में सफल क्रियान्वयन के बाद, अब 1 अप्रैल 2026 से राजनांदगांव क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चार जिलों राजनांदगांव, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई एवं मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी के सभी बिजली कार्यालयों में “ई-ऑफिस सिस्टम” पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा।
त्वरित निराकरण और पारदर्शिता का नया युग
राजनांदगांव क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक श्री शिरीष सेलट ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य फाइलों का त्वरित और पारदर्शी निराकरण करना है। उन्होंने कहा, मुख्यालय स्तर पर 10 नवंबर 2025 से ई-ऑफिस सफलतापूर्वक चल रहा है। अब इसे मैदानी स्तर पर ले जाया जा रहा है। इससे नोटशीट, आदेश, पत्र और परिपत्र जैसे सभी दस्तावेजों का निर्माण, अनुमोदन, प्रेषण और संधारण पूरी तरह से डिजिटल रूप से होगा, जिससे समय और कागज दोनों की बचत होगी।
अधिकारी-कर्मचारियों को दिया जा रहा विशेष प्रशिक्षण
नई व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए ऊर्जा सूचना एवं प्रौद्योगिकी केंद्र (ईआईटीसी) द्वारा ऑनलाइन ट्रेनिंग शुरू कर दी गई है। यह प्रशिक्षण छह पालियों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिया जा रहा है, ताकि मैदानी अधिकारी और कर्मचारी डिजिटल कार्यप्रणाली में दक्ष हो सकें।
स्व-सेवा पोर्टल और डिजिटल हस्ताक्षर
डिजिटल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फाइलों का अनुमोदन डिजिटल हस्ताक्षर के माध्यम से किया जा रहा है। ऊर्जा नेट पर “ई-ऑफिस” के लिए एक समर्पित स्व-सेवा पोर्टल भी उपलब्ध कराया गया है, जहाँ उपयोगकर्ता मार्गदर्शिका और दिशा-निर्देश उपलब्ध हैं।
इस तकनीक के लागू होने से छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज की जनरेशन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों में कार्य संस्कृति पूरी तरह बदल जाएगी, जिससे उपभोक्ताओं को भी बेहतर और त्वरित सेवाएं मिल सकेंगी।

