कवर्धा, 20 मार्च 2026/sns/-दुर्ग संभाग आयुक्त श्री सत्यनारायण राठौर ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर जिले के तहसीलवार राजस्व प्रकरणों की गहन समीक्षा की। इस दौरान कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा उपस्थित रहे। संभाग आयुक्त ने समय सीमा से अधिक लंबित प्रकरणों पर नाराजगी जताई और अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे सभी मामलों का जल्द से जल्द निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए तय समय सीमा के भीतर पूरा करना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ काम करें, ताकि लोगों को भटकना ना पड़ें। आम जनता की समस्याओं का समय पर समाधान करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। संभाग आयुक्त ने यह भी निर्देश दिए कि सभी अधिकारी अपने-अपने कार्यों की नियमित समीक्षा करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। उन्होंने कहा कि सभी प्रकरणों का त्वरित व प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए।संभाग आयुक्त श्री राठौर ने त्रुटि-सुधार प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि त्रुटि सुधार शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए इस कार्य में विशेष सावधानी बरती जाए। उन्होंने कहा कि कई प्रकरण अपील स्तर तक पहुंच रहे हैं, अतः सभी मामलों में नियमानुसार सुनवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रकरण में संबंधित पक्षकारों को अनिवार्य रूप से नोटिस जारी किए जाएं, ताकि समयबद्ध सुनवाई एवं निराकरण संभव हो सके और आम जनता को अनावश्यक भटकना न पड़े। पट्टा संबंधी मामलों पर उन्होंने कहा कि इस विषय में अनेक शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, जिनकी गंभीरता से जांच आवश्यक है। आवश्यकता पड़ने पर ग्राम सभा के माध्यम से प्रस्ताव पारित कर समस्याओं का समाधान किया जाए। संभाग आयुक्त ने सीमांकन एवं नक्शा बटांकन की धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस दिशा में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि इन मामलों में अक्सर विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है, जिसका समय पर निराकरण करना राजस्व अधिकारियों की जिम्मेदारी है। विशेष रूप से एसडीएम को इन प्रकरणों पर गंभीरता से ध्यान देने के निर्देश दिए गए, ताकि आम जनता की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
संभाग आयुक्त श्री राठौर ने तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों को निर्देशित किया कि सप्ताह में निर्धारित दो से तीन दिन नियमित रूप से राजस्व न्यायालय का आयोजन करें। उन्होंने कहा कि कोर्ट की तिथियों की जानकारी आम जनता को पहले से उपलब्ध कराई जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक भटकना न पड़े और उन्हें समय पर न्याय मिल सके। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि अविवादित नामांतरण, अविवादित खाता विभाजन एवं त्रुटि-सुधार के प्रकरणों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो तथा इन्हें निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्राथमिकता से निराकृत किया जाए। साथ ही, विवादित प्रकरणों के संबंध में पूर्व निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए और इनके निराकरण में गंभीरता एवं पारदर्शिता बरती जाए। बैठक के दौरान संभाग आयुक्त ने तहसीलवार अविवादित एवं विवादित नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, त्रुटि-सुधार, डायवर्सन, अभिलेख शुद्धता एवं नक्शा बटांकन जैसे महत्वपूर्ण राजस्व प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की और अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर विनय पोयाम, अनुविभागीय अधिकारी श्री संदीप ठाकुर, श्री सागर सिंह, श्री चेतन साहू, श्रीमती शिल्पा देवांगन, डिप्टी कलेक्टर श्री आर.बी. देवांगन, सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार बैठक में उपस्थित रहे।



