छत्तीसगढ़

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से भोरमदेव शक्कर कारखाने ने जारी किए 5.97 करोड़

कवर्धा, 20 मार्च 2026/sns/-चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व पर गन्ना किसानों को बड़ी सौगात मिली है। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्यादित, राम्हेपुर (कवर्धा) द्वारा गन्ना किसानों को 5.97 करोड़ की राशि जारी की गई है। इसके साथ ही कारखाना द्वारा अब तक गन्ना किसानों को 57.48 करोड़ का भुगतान पूर्ण किया जा चुका है। नियमित और समयबद्ध भुगतान से क्षेत्र के किसानों में उत्साह, संतोष और प्रसन्नता का वातावरण बना हुआ है।

कलेक्टर एवं कारखाने के प्राधिकृत अधिकारी श्री गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में भुगतान प्रक्रिया निरंतर जारी है, जिससे सहकारी व्यवस्था में किसानों का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। कारखाना प्रबंधन ने बताया कि यह निरंतरता किसानों की आर्थिक मजबूती के साथ-साथ कारखाने के सुचारु संचालन को भी स्थायित्व प्रदान कर रही है। कारखाना प्रबंधन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार चालू पेराई सत्र में 255818 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई तथा 3,09,120 क्विंटल शक्कर का उत्पादन किया जा चुका है। यह उपलब्धि किसानों के सहयोग, जिला प्रशासन के मार्गदर्शन और कारखाने की बेहतर कार्यक्षमता का संयुक्त परिणाम मानी जा रही है।

*किसानों एवं श्रमिकों के हित में निरंतर कार्य*

भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना क्षेत्र के किसानों की आर्थिक और सामाजिक उन्नति का मजबूत आधार बना हुआ है। कारखाने द्वारा FRP के अतिरिक्त रिकवरी राशि का भुगतान, शासन द्वारा प्रदत्त बोनस, रियायती दर पर शक्कर वितरण, उन्नत बीज उपलब्ध कराना, किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम निरंतर संचालित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही कारखाना परिसर में किसानों के लिए सर्वसुविधायुक्त बलराम सदन, तथा मात्र 5 में गरम भोजन की कैंटीन सुविधा सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण है।

*कारखाने के प्रमुख योगदान–*

कारखाने के द्वारा स्थापना के समय से आज तक किसानों की आर्थिक एवं सामाजिक उन्नति में महत्वपूर्ण योगदान दिया गया है तथा प्रारंभ से ही जिले की अर्थव्यवस्था के इंजन के रूप में कार्य किया जा रहा है। गन्ने की फसल के लिए किसानों को शासन द्वारा निर्धारित मूल्य की गारंटी प्रदान करना, जिससे उनका आर्थिक हित सुरक्षित बना रहे। प्रदेश में फसल विविधता को बनाए रखने तथा शासन की नीति अनुसार धान के बदले अन्य फसलों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका। क्षेत्र के लोगों के लिए स्थायी रोजगार उपलब्ध कराना। गन्ना फसल के लिए संपूर्ण इकोसिस्टम विकसित करना, जिसमें बीज, उर्वरक, कीटनाशक, कृषि यंत्र, परिवहन एवं कटाई आदि से जुड़े हजारों लोगों के लिए अप्रत्यक्ष रोजगार का सृजन। प्रदेश की पीडीएस व्यवस्था के अंतर्गत शक्कर वितरण हेतु नागरिक आपूर्ति निगम को बाजार मूल्य से कम दर पर शक्कर उपलब्ध कराना, जिससे प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान। जिला कबीरधाम के स्थानीय बाजार को वित्तीय तरलता प्रदान कर उसके विकास में योगदान देना।

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