रायगढ़, 16 मार्च 2026/sns/- जिले में 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु वर्ग के असाक्षरों को साक्षर बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की योजना “उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम” का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण रायगढ़ के मार्गदर्शन तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत एवं उपाध्यक्ष के नेतृत्व में संचालित हो रहा है।
कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षार्थियों को 200 घंटे का अध्यापन पूर्ण कराने के बाद उनका आकलन किया जाता है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) द्वारा 22 मार्च 2026 को प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे तक महापरीक्षा आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में जिले के 18,303 शिक्षार्थी शामिल होंगे। शिक्षार्थी अपनी सुविधा के अनुसार निर्धारित परीक्षा केंद्र में उपस्थित होकर मूल्यांकन परीक्षा दे सकेंगे, जिसके लिए प्रत्येक शिक्षार्थी को 3 घंटे का समय प्रदान किया जाएगा।
इस परीक्षा में वे शिक्षार्थी भी शामिल होंगे, जिन्होंने पहले पढ़ना-लिखना अभियान या उल्लास कार्यक्रम की महापरीक्षा में भाग लिया था, लेकिन किसी कारणवश उन्हें राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान, नई दिल्ली से प्रमाण-पत्र प्राप्त नहीं हो पाया। इसके अलावा ऐसे नवसाक्षर, जो लंबे अंतराल के कारण पढ़ना-लिखना भूल गए हैं, उन्हें भी इस आकलन परीक्षा में सम्मिलित होने का अवसर दिया जाएगा।
स्वयंसेविता और कर्तव्यबोध पर आधारित है कार्यक्रम
उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम की विशेषता यह है कि यह पूरी तरह स्वयंसेविता और कर्तव्यबोध पर आधारित है। इसमें कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को भी सक्रिय रूप से जोड़ा गया है। शासन के प्रावधान के अनुसार यदि कोई विद्यार्थी 10 असाक्षरों को साक्षर बनाता है, तो उसे स्थानीय तथा बोर्ड परीक्षा में 10 बोनस अंक प्रदान किए जाते हैं। वर्तमान शैक्षणिक सत्र में योजना से जुड़े कक्षा 10वीं के 249 तथा कक्षा 12वीं के 230 विद्यार्थियों के बोनस अंक का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा गया है।
विभिन्न वर्गों का मिल रहा सहयोग
जिले में उल्लास साक्षरता केंद्रों का संचालन मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारी, स्व-सहायता समूह के सदस्य तथा पहले से शिक्षित नवसाक्षरों के सहयोग से किया जा रहा है। इस सामूहिक प्रयास से जिले में साक्षरता दर बढ़ाने और लोगों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण, रायगढ़ ने जिले के नागरिकों और समाज के सभी वर्गों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक शिक्षार्थियों को इस राष्ट्रव्यापी महापरीक्षा अभियान में शामिल होने के लिए प्रेरित करें, ताकि जिले में साक्षरता को बढ़ावा मिल सके और हर व्यक्ति शिक्षा से जुड़ सके।

