छत्तीसगढ़

पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम

राजनांदगांव, 16 मार्च 2026/sns/-भारत सरकार की पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एलएच एण्ड डीसीपी) अंतर्गत खुरहा-चपका (एफएमडी) संक्रामक बीमारी के प्रभावी नियंत्रण के लिए जिले में नि:शुल्क टीकाकरण अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में खुरहा-चपका रोग के नियंत्रण हेतु टीकाकरण के सातवें चरण में 15 मार्च से 30 अप्रैल 2026 तक जिले के सभी ग्रामों में पशुओं का टीकाकरण किया जा रहा है।
उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. अनूप चटर्जी ने बताया कि पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिले के लगभग 3 लाख 5 हजार गौवंश एवं भैंस वंशीय पशुओं को रोग-प्रतिरोधक टीकाकरण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि खुरहा-चपका रोग मुख्यत: गाय-भैंस जैसे खुर वाले पशुओं में होने वाला संक्रामक रोग है। इस रोग से ग्रसित पशुओं में तेज बुखार आना, मुंह, जीभ, होंठ एवं मसूडों में छाले या फफोले तथा खुरों के बीच फफोले या घाव होने से पशु लंगड़ाकर चलता है। इसके साथ ही मुंह से अधिक लार गिरना, खाने-पीने में परेशानी, दूध उत्पादन में अचानक कमी, थन या स्तनों पर फफोले, कमजोरी व सुस्ती शामिल है। इस रोग से छोटे बछड़ों की मृत्यु भी हो जाती है। पशु में खुरहा-चपका रोग के लक्षण दिखने पर पशुपालकों को बीमारी पशु को तत्काल अन्य पशुओं से अलग रखें, नजदीकी पशु चिकित्सक से संपर्क करें, साफ-सफाई बनाए रखें एवं कीटाणुनाशक का प्रयोग करें तथा समय पर टीकाकरण अवश्य कराएं। उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. अनूप चटर्जी ने पशुपालकों को पशुओं का समय पर टीकाकरण कराने तथा विभागीय कर्मचारियों का भारत पशुधन एप में पंजीयन कराने में सहयोग करने की अपील की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *