दुर्ग, 14 मार्च 2026/sns/- जिला दुर्ग के विकासखण्ड पाटन अंतर्गत ग्राम असोगा की निवासी श्रीमती येश्वरी साहू का जीवन कभी कठिन संघर्षों से भरा हुआ था। उनके पति उमेश साहू के निधन के बाद अचानक पूरे परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। दो छोटे बच्चों की परवरिश और घर की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना उनके लिए बेहद मुश्किल हो गया था। इसी कठिन समय में महतारी वंदन योजना उनके जीवन में आशा की किरण बनकर आई। उन्होंने अपने गांव के आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 2 के माध्यम से इस योजना के लिए आवेदन किया। योजना के तहत उन्हें हर महीने 1000 रुपये की सहायता राशि मिलने लगी। यह छोटी सी आर्थिक मदद उनके लिए बहुत बड़ा सहारा साबित हुई। श्रीमती येश्वरी साहू ने इस राशि को केवल खर्च करने के बजाय समझदारी से उपयोग करने का निर्णय लिया। उन्होंने इस सहायता राशि से सिलाई मशीन खरीदी और अपने गांव में कपड़े सिलने का काम शुरू किया। धीरे-धीरे लोगों को उनके काम के बारे में पता चला और गांव के कई लोग उनके पास कपड़े सिलवाने आने लगे। सिलाई के काम से उनकी आमदनी बढ़ने लगी, जिससे अब वे अपने बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्च को बेहतर तरीके से संभाल पा रही हैं। पहले जहां उन्हें भविष्य की चिंता सताती थी, वहीं अब वे आत्मविश्वास के साथ अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मेहनत कर रही हैं। उनका सपना है कि उनके बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त करें और जीवन में सफल बनें।
आज येश्वरी साहू कहती है कि सही समय पर मिली छोटी सी मदद भी किसी के जीवन को नई दिशा दे सकती है। येश्वरी साहू दिल से छत्तीसगढ़ सरकार और माननीय मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करती हैं, जिन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए इस योजना की शुरुआत की।


