छत्तीसगढ़

आयुष्मान और वय वंदन कार्ड वितरण में प्रदेश का अग्रणी जिला बना बस्तर

जगदलपुर, 14 मार्च, 2026/sns/- छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचलों और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के बीच बसे बस्तर जिले ने जन-कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राज्य पोर्टल द्वारा 11 मार्च 2026 तक जारी किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार बस्तर जिला आयुष्मान भारत और वय वंदन कार्ड वितरण के मामले में प्रदेश के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले जिलों की अग्रिम पंक्ति में खड़ा हो गया है। कठिन रास्तों और भाषाई विविधताओं के बावजूद जिला प्रशासन की सक्रियता का ही परिणाम है कि आज बस्तर स्वास्थ्य सुरक्षा के मामले में कई विकसित और शहरी जिलों को पीछे छोड़ते हुए सफलता की नई इबारत लिख रहा है।

बस्तर की इस अभूतपूर्व सफलता की पटकथा लिखने में जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। उल्लेखनीय है कि जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी-कर्मचारी के अधिकांश पदों पर महिलाओं की नियुक्ति है, जिन्होंने अपनी संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा से इस अभियान को जन-आंदोलन बना दिया है। इन महिला स्वास्थ्य अधिकारियों-कर्मचारियों ने हाट-बाजारों से लेकर सुदूर दुर्गम गाँवों तक पहुँचने की रणनीति अपनाई, जिससे भाषाई और भौगोलिक बाधाएं भी विकास की राह नहीं रोक सकीं।

आयुष्मान भारत योजना के तहत शत-प्रतिशत कवरेज की दिशा में बढ़ते हुए बस्तर ने अब तक 98.2 प्रतिशत आबादी को सुरक्षा कवच प्रदान कर दिया है। जिले के कुल निर्धारित 7,87,364 सदस्यों के लक्ष्य के मुकाबले 7,73,468 कार्ड बनाए जा चुके हैं, जो न केवल जिले की प्रशासनिक सजगता को दर्शाता है बल्कि राज्य के औसत 90.8 प्रतिशत से भी कहीं अधिक है। विशेष रूप से पारीवारिक कवरेज के मामले में तो बस्तर ने अपने लक्ष्य को पार करते हुए 116.4 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की है, जो इस बात का प्रमाण है कि जिले का हर परिवार अब बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के दायरे में आ चुका है।

वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और उनकी सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी वय वंदन कार्ड योजना में भी बस्तर का प्रदर्शन स्वर्णिम रहा है। जिले ने न केवल अपने लिए निर्धारित 13,640 कार्डों के संशोधित लक्ष्य को प्राप्त किया, बल्कि 103.8 प्रतिशत की शानदार प्रगति के साथ अब तक 14,156 कार्ड जारी किए हैं। वर्तमान में बस्तर इस श्रेणी में समूचे छत्तीसगढ़ में तीसरे स्थान पर काबिज है। पिछले सात दिनों के भीतर जिले में लगभग 300 से ज्यादा नए कार्ड जारी किए गए हैं, जो यह स्पष्ट करता है कि अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाने का यह अभियान अभी भी पूरी ऊर्जा के साथ जारी है।

बस्तर की यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जहाँ मैदानी जिले अभी भी इन लक्ष्यों को पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं बस्तर के वनांचलों में पदस्थ अमले की मुस्तैदी ने एक सफल मॉडल पेश किया है। अब जिले का अगला लक्ष्य शेष बचे 1.8 प्रतिशत सदस्यों को आयुष्मान योजना से जोड़कर पूर्ण कवरेज का गौरव प्राप्त करना है। जिसमें इन सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगीं।

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