सुकमा, 27 जनवरी 2026/sns/-जिला प्रशासन अब सुदूर और संवेदनशील क्षेत्रों में शासन की योजनाओं को शत-प्रतिशत पहुंचाने के लिए “मिशन मोड“ पर काम करेगा। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक में कलेक्टर श्री अमित कुमार ने स्पष्ट किया कि विकास की दौड़ में जिले का अंतिम व्यक्ति भी पीछे नहीं छूटना चाहिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री मुकुन्द ठाकुर सहित समस्त विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
स्वास्थ्य व्यवस्थारू “सेवा में कोताही बर्दाश्त नहीं“
कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए डॉक्टरों की रोस्टर ड्यूटी का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने चिंता जताई कि एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) में बेड रिक्त नहीं होने चाहिए। उन्होंने गर्भवती और शिशुवती महिलाओं के देखभाल और टीकाकरण में विशेष ध्यान देने की बात कही। अस्पतालों में भर्ती माताओं को गुणवत्तापूर्ण गर्म भोजन, नाश्ता और अनिवार्य रूप से अंडा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के तहत आने वाले गांवों में मोतियाबिंद के मरीजों की पहचान कर उनके त्वरित उपचार के लिए मोबिलाइजेशन तेज करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही श्सेवा एक्सप्रेसश् के माध्यम से नए समूहों को लोकस पोर्टल से जोड़ने पर जोर दिया गया।
अधोसंरचना खेल सुविधाओं का होगा कायाकल्प
जिले के युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं देने के लिए कलेक्टर ने कुम्हाररास मल्टीस्पोर्ट कॉम्प्लेक्स और हड़मा स्टेडियम में बैडमिंटन कोर्ट व शेड मरम्मत का कार्य तत्काल पूर्ण करने को कहा। उन्होंने राजस्व विभाग के लंबित प्रकरणों का निपटारा करने और नियद नेल्ला नार क्षेत्रों में प्रशासनिक भवनों के निर्माण के लिए ठोस ब्लूप्रिंट तैयार करने के निर्देश दिए।
बस्तर पंडुम की तैयारी पूर्ण
28 जनवरी को होने वाले जिलास्तरीय बस्तर पंडुम को लेकर कलेक्टर ने सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने की बात कही। उन्होंने कहा कि यह आयोजन सुकमा की सांस्कृतिक गरिमा का प्रतीक है, अतः इसमें अनुशासन और भव्यता का विशेष ध्यान रखा जाए।


