मोहला, 20 जनवरी 2026/sns/- जिले में संचालित हमर स्वस्थ लइका कार्यक्रम कुपोषण के खिलाफ एक सशक्त अभियान के रूप में सामने आया है। इस कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन से गंभीर कुपोषण से जूझ रहे बच्चों के जीवन में बदलाव देखने को मिल रहे हैं। ऐसी ही कहानी है मानपुर विकासखंड के ईरागांव गांव के बालक लक्षित कवालिया की। लक्षित गंभीर तीव्र कुपोषण की श्रेणी में थे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा समय पर पहचान कर उनकी स्वास्थ्य जांच कराई गई और उन्हें संवर्धित टेक होम राशन के अंतर्गत शामिल किया गया। इसके साथ ही बच्चे की स्थिति पर नियमित निगरानी रखी गई।कार्यक्रम के अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा साप्ताहिक फॉलो-अप, परिवार को निरंतर परामर्श तथा पोषण आहार की सही विधि से तैयारी और सेवन की जानकारी दी गई। माता-पिता को यह भी समझाया गया कि बच्चे के नियमित भोजन, स्वच्छता और देखभाल से पोषण स्तर में कैसे सुधार लाया जा सकता है। कुछ ही दिनों के संवर्धित टेक होम राशन और सतत निगरानी के परिणामस्वरूप लक्षित की स्वास्थ्य स्थिति में निरंतर सुधार हुआ। वजन और पोषण स्तर में वृद्धि के साथ वह सैम श्रेणी से बाहर निकलकर सामान्य श्रेणी में आ गया। आज लक्षित पहले से अधिक सक्रिय, स्वस्थ और मुस्कुराता हुआ दिखाई देता है। यह सफलता आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य विभाग और समुदाय के सामूहिक प्रयासों का प्रतिफल है। “हमर स्वस्थ लइका” कार्यक्रम ने केवल बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार ला रहा है, बल्कि परिवारों में पोषण के प्रति जागरूकता भी बढ़ा रहा है। निश्चित रूप से, यह पहल जिले में कुपोषण उन्मूलन की दिशा में एक प्रभावी मॉडल के रूप में अपनी पहचान बना रही है।

