छत्तीसगढ़

मां की सजगता और ए-टीएचआर का असर, हमर स्वस्थ लइका कार्यक्रम से 16 हफ्तों में सामान्य हुई हिमांशी

मोहला, 13 फरवरी 2026/sns/-आंगनबाड़ी केंद्र मोहला-बी, सेक्टर मोहला की नन्ही बच्ची हिमांशी कोवाची कभी अति गंभीर कुपोषण की श्रेणी में चिन्हित की गई थी। प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच में उसका वजन मात्र 9.2 किलोग्राम पाया गया, जो उसकी आयु के अनुरूप अत्यंत कम था और उसके शारीरिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा था। नन्ही बच्ची हिमांशी की स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे तुरंत हमर स्वस्थ लइका कार्यक्रम के अंतर्गत पंजीकृत कर विशेष निगरानी में रखा गया। हिमांशी की मां श्रीमती कनक कोवाची ने इस चुनौती को जिम्मेदारी के साथ स्वीकार किया और डाइट कैलेंडर का नियमित पालन सुनिश्चित किया। उन्होंने बच्चे के आहार में विविधता लाते हुए दाल, हरी सब्जियां, अंडा, दूध जैसे पोषक तत्वों को शामिल किया, साथ ही समय पर पूरक आहार देना और स्वच्छता बनाए रखना अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता यशोदा कृषक ने भी निरंतर गृह भ्रमण कर परिवार को मार्गदर्शन दिया, नियमित टेक होम राशन का वितरण किया, मासिक वजन मापन, स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की। लगातार 16 सप्ताह तक चली इस समन्वित देखभाल और पोषण प्रबंधन का सकारात्मक परिणाम सामने आया हिमांशी का वजन 9.2 किलोग्राम से बढ़कर 11.50 किलोग्राम हो गया, उसकी सक्रियता और भूख में स्पष्ट सुधार हुआ और वह अति गंभीर कुपोषण श्रेणी से निकलकर सामान्य श्रेणी में आ गई। यह कहानी दर्शाती है कि जब समय पर पहचान, मां की सजगता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की सतत निगरानी और टीएचआर जैसे पोषण कार्यक्रम एक साथ प्रभावी रूप से लागू होते हैं तो कुपोषण जैसी गंभीर समस्या पर भी सफलतापूर्वक नियंत्रण पाया जा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *