बीजापुर, 10 जनवरी 2026/sns/-जिले की ग्राम पंचायतों आजीविका डबरी का निर्माण प्रमुखता से किया जा रहा है। सूचना -शिक्षा -संचार गतिविधि के माध्यम से ग्रामीण श्रमिकों को समय समय पर उनके अधिकारों एवं योजनांतर्गत नवीन प्रावधानों की जानकारी दिए जाते हैं। इसी कड़ी में विकासखंड बीजापुर की ग्राम पंचायत धनोरा में आजीविका डबरी में कार्य कर रहे श्रमिकों को फील्ड स्तर के अधिकारियों द्वारा विकसित भारत- रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण (वीबी-जी राम जी) के प्रावधानों की जानकारी दी गई। अकुशल श्रम करने के इच्छुक प्रत्येक ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्यों को वर्ष भर में 125 दिनों की रोजगार की वैधानिक गारंटी कर एक ग्रामीण विकास रूपरेखा स्थापित करने के लिए अधिनियम है।
कलेक्टर श्री संबित मिश्रा के निर्देशन एवं जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नम्रता चौबे के मार्गदर्शन में वीबी – जी राम जी योजना के प्रावधानों का व्यापक प्रचार प्रसार किया जा रहा है।
ग्राम पंचायत धनोरा की सरपंच श्रीमती रूखमणी तेलम ने योजना के बारे कहा कि योजनांतर्गत सिंचाई और जल संरक्षण के कार्यों को प्राथमिकता दी गई है। श्रमिकों के लिए बेरोजगारी भत्ता का भी प्रावधान किया गया है। हम इस योजना में बेहतर कार्य करेंगे। वार्ड नंबर 4 की पंच एवं मेट का कार्य कर रही श्रीमती सोनमती कुड़ियम ने कहा कि 125 दिन की रोजगार मिलना श्रमिकों के लिए बहुत अच्छा है ।
ग्रामीण श्रमिक श्री माड़ो राम कुड़ियम ने सराहना करते हुए कहा कि मजदूरी भुगतान में भी सरलता आएगी और त्वरित भुगतान संभव होगा। अधिकारियों ने बताया कि इसमें मजदूरी भुगतान प्रक्रिया में सुधार किया गया है, यह हम लोगों के लिए बहुत अच्छा है।
जाने क्या कहता है प्रावधान- विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय विजन समृद्ध एवं सुदृढ़ ग्रामीण भारत के लिए सशक्तिकरण, विकास, अभिसरण और संतृप्ति को बढ़ाना है। इस अधिनियम के अंतर्गत जल सुरक्षा, मूलभूत अवसंरचना, आजीविका संबंधी अवसंरचना को प्राथमिकता दी जावेगी। कृषि के व्यस्त्तम समय के ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से बुवाई और कटाई के दौरान सम्मिलित कार्य नहीं किए जाएंगे। यदि किसी मजदूर को 125 दिवस रोजगार की वैधानिक गारंटी के साथ ही कार्य की मांग प्रस्तुत करने के बाद निर्धारित समय सीमा में कार्य प्रदान नहीं किया जाता है तो शर्तों के अनुसार बेरोजगारी भत्ता का प्रावधान किया गया है। पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने हेतु बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण, स्थानिक प्रौद्योगिकी अयोजना, मोबाइल एवं डैशबोर्ड आधारित निगरानी तथा सामाजिक अंकेक्षण तंत्र को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।


