छत्तीसगढ़

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना राजेन्द्र देवांगन का बिजली बिल हुआ शून्य जनहितैषी योजना के संचालन के लिए प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद

मुंगेली, 22 नवंबर 2025/sns/- प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अब केवल बिजली बचत का माध्यम नहीं, बल्कि आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव की कहानी बन रही है। योजना के तहत लगाए गए सोलर पैनल के माध्यम से नागरिकों का घर रोशन हो रहा है। आम नागरिकों के घरों में सूर्य की किरणों से रोशनी मिल रही है। इसी कड़ी में विवेकानंद वार्ड मुंगेली निवासी श्री राजेन्द्र देवागंन ने बताया कि उन्हांेने अप्रैल में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर पैनल लगवाने के बाद से उनके घर का बिजली बिल शून्य हो गया है।
श्री देवांगन ने बताया कि पहले उनके घर का बिजली बिल लगभग 03 हजार रूपए तथा गर्मी के दिनों में लगभग 04 हजार से ऊपर आता था, वे भारी भरकम बिजली बिल से परेशान थे, लेकिन जब से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर पैनल लगवाया है, बिजली बिल से राहत मिल गई है। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए बैंक से फायनेंस कराया है। अब वे बिजली बिल से मुक्त जीवन जी रहे हैं। उन्होंने जनहितैषी योजना के संचालन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का धन्यवाद ज्ञापित किया है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी “पीएम सूर्य घर योजना” के तहत उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने पर केन्द्र और राज्य शासन द्वारा 30 हजार रूपए से 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। 01 किलोवाट का रूफटॉप लगवाने पर 45 हजार रूपए, 02 किलोवाट में 90 हजार रूपए और 03 किलोवाट का रूफटॉप लगवाने पर 01 लाख 08 हजार रूपए की सब्सिडी प्रदान की जाती है। योजना अंतर्गत लगाए गए सोलर प्लांट को नेट मीटरिंग प्रणाली से जोड़ा जाता है, जिससे अतिरिक्त उत्पन्न बिजली ग्रिड में भेजी जा सकती है और उपभोक्ता को उसका लाभ आय के रूप में प्राप्त होता है।
रूफटॉप सोलर सिस्टम दो प्रकार के हैं, ऑफ-ग्रिड और ऑन-ग्रिड। ऑफ-ग्रिड सिस्टम में बैटरी के माध्यम से उत्पन्न बिजली का घर में ही उपयोग होता है, जो विशेषकर उन इलाकों के लिए उपयोगी है, जहां ग्रिड की सुविधा नहीं है। वहीं ऑन-ग्रिड सिस्टम में अतिरिक्त बिजली सीधे ग्रिड को भेजी जाती है और उतनी यूनिट उपभोक्ता के बिल से घटा दी जाती है। सब्सिडी की राशि 01 से 1.5 माह के भीतर सीधे उपभोक्ताओं के बैंक खाते में जमा की जाती है। इसके साथ ही कम ब्याज दर एवं आसान किश्तों में बैंक फायनेंस भी उपलब्ध है। इस योजना से पर्यावरण संरक्षण, आर्थिक बचत और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को एक साथ बढ़ावा मिल रहा है।

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