छत्तीसगढ़

मौसमी बीमारियों एवं महामारी के खतरे से प्रभावी ढंग से निटने के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

कवर्धा, 07 अगस्त 2025/sns/- बरसात के मौसम में मौसमी बीमारियों एवं महामारी का खतरा बढ़ जाता है। इस खतरे से प्रभावी ढंग से निटने के लिए कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा के निर्देश पर जिले में व्यापक तैयारी की गई है। इसके तहत जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में काम्बेक्ट टीम का गठन किया गया है। इन टीमों के दल प्रभारी संबंधित स्वास्थ्य संस्थाओं के प्रभारी अधिकारी बनाए गए है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ डी.के. तुर्रे ने आमजन से अपील करते हुए मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए विशेष सतर्कता बरतने को कहा है।
सीएमएचओ डॉ डी.के. तुर्रे जानकारी देते हुए बताया कि इन बीमारियों से बचाव के लिए असुरक्षित जलस्त्रोत कुआ, ढोढी, तालाब, नदी नाला आदि का पानी पीने से बचे, पीने के पानी को हमेशा उबालकर ही उपयोग करें, जलस्त्रोंतो का नियमित रूप से शुद्धिकरण कराएं, सोते समय मच्छरदानी का उपयोग अवश्य करें और जमीन पर न सोये, बासी खाना, सड़े गले भोज्य पदार्थो का सेवन ना करें, खेतों पर काम पर जाते समय घर से स्वच्छ पानी लेकर जायें, अपने घरों के आसपास पानी जमा न होने न दें और बाहर का खाना खाने से परहेज करें। इसके साथ ही सीएमएचओ ने लोगों से अपील की है यदि कोई भी ग्राम, पारा या मोहल्ला में किसी भी प्रकार की बीमारी फैलने के लक्षण दिखें तो इसकी सूचना तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में दे, जिससे समय रहते बीमारियों को रोका जा सके।

बीमारियों से निपटने स्वास्थ्य अमला तैयार

जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अनिमिका पटेल ने बताया कि महामारी की परिस्थिति से निपटने के लिए पूर्व वर्षों में अनुभवों के आधार पर महामारी संभावित ग्रामों एवं पहुँचविहिन ग्रामों की पहचान कर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को जानकारी रख कर वहां पूर्व से स्वास्थ्य सेवा दुरूस्त करना सुनिश्चित करने कहा गया है। बीमारियों से बचाव के लिए विशेष पिछड़ी जनजाति बसाहटों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिये गये है। स्वास्थ्य विभाग के द्वारा जल जनित बीमारियों के रोकथाम के लिए कुंआ, हैण्डपम्प, नलजल एवं ढोढ़ी की पहचान कर, इन जलस्त्रोतों की नियमित जलशुद्धिकरण करने के लिए निर्देश भी दिए गए है। किसी भी प्रकार की बीमारियों के बढ़ने से रोकने के लिए सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में पर्याप्त दवाइयों का भण्डारण सुनिश्चित करने एवं जिले के सभी मितानिनों और सभी डिपोहोल्डर के पास भी पर्याप्त दवाईयों का भण्डारण करने के निर्देश दिए गए हैं।

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