छत्तीसगढ़

अमृत सरोवर योजना से जल संरक्षण के साथ ग्रामीण महिलाओं को मिला रोजगार का नया अवसर

अमृत सरोवर योजना से जल संरक्षण के साथ ग्रामीण महिलाओं को मिला रोजगार का नया अवसर

अंबिकापुर, 14 जनवरी 2026/sns/-  शासन की अमृत सरोवर योजना जिले में जल संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ीकरण का सशक्त माध्यम बन रही है। योजना के तहत निर्मित तालाब न केवल भू-जल स्तर बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
ग्राम पंचायत बरगंवा में अमृत सरोवर योजना अंतर्गत निर्मित तालाब इसका सजीव उदाहरण है। इस तालाब में सरस्वती स्व सहायता समूह की महिलाएं मछली पालन का कार्य कर रही हैं, जिससे उनकी आय बढ़ेगी, अब उन्हें गांव में ही रोजगार का अवसर प्राप्त हो रहा है।
ग्राम पंचायत बरगंवा की सरपंच श्रीमती संजिता सिंह ने बताया कि शासन की अमृत सरोवर योजना के अंतर्गत उनके गांव में तालाब का निर्माण कराया गया है। तालाब निर्माण के पश्चात गांव के जल स्तर में सुधार हुआ है, जिससे आसपास के कुओं और जल स्रोतों में भी जल उपलब्धता बढ़ी है। उन्होंने बताया कि इस तालाब को महिला स्व सहायता समूह को आजीविका संवर्धन के उद्देश्य से सौंपा गया है।सरपंच श्रीमती सिंह ने बताया कि सरस्वती स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तालाब में लगभग 4000 मछली बीज डाले गए हैं। मछली पालन के इस कार्य से समूह की महिलाओं को भविष्य में अच्छी आमदनी प्राप्त होगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। साथ ही महिलाएं स्वयं के श्रम और कौशल से आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने कहा कि अमृत सरोवर योजना जल संरक्षण, पर्यावरण संतुलन एवं ग्रामीण आजीविका के सृजन का एक प्रभावी मॉडल है। इस योजना से गांव में रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं और महिलाओं की भागीदारी से सामाजिक- आर्थिक विकास को गति मिल रही है।
ग्रामीण महिलाओं ने भी शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि तालाब निर्माण और मछली पालन से उन्हें स्थायी आजीविका का साधन मिला है। अमृत सरोवर योजना से गांव का समग्र विकास हो रहा है और ग्रामीण महिलाएं आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं।

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