मुंगेली, 19 मार्च 2026/sns/- विकासखंड लोरमी अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला परसवारा आज नवाचार और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से सफलता की मिसाल बनकर उभर रहा है। विद्यालय में गठित यूथ एवं इको क्लब के जरिए बच्चों में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और आत्मनिर्भरता के गुण विकसित किए जा रहे हैं। विद्यालय में बच्चों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखते हुए उन्हें व्यावहारिक गतिविधियों से जोड़ा गया है। इको क्लब के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण, जल संरक्षण तथा प्लास्टिक का उपयोग कम करने जैसे विषयों पर जागरूकता एवं प्रोत्साहित किया जा रहा है, इससे उनमें जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना के साथ टीम वर्क और रचनात्मकता का भी विकास हो रहा है। प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से बच्चों द्वारा विद्यालय और घर-परिवार में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। वहीं, कचरा प्रबंधन के तहत विद्यालय परिसर के आसपास साफ-सफाई कर अपशिष्ट का उचित निस्तारण किया जा रहा है, जिससे स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण का निर्माण हो रहा है।
जल संरक्षण की दिशा में भी विद्यार्थी सजग हैं। वे पानी के सही उपयोग और अनावश्यक बहाव को रोकने के लिए लोगों को जागरूक कर रहे हैं, जिससे प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में सकारात्मक संदेश जा रहा है।
विद्यालय की एक और विशेष पहल “पोषण वाटिका” (किचन गार्डन) है, जो आज पूरी तरह विकसित हो चुकी है। यहां उगाई जाने वाली ताजी और मौसमी सब्जियों का उपयोग मध्यान्ह भोजन में किया जाता है। पालक, मेथी, धनिया, लौकी, करेला, टमाटर, भिंडी सहित कई प्रकार की सब्जियां बच्चों और शिक्षकों के सामूहिक प्रयास से तैयार की जा रही हैं। इस पहल से बच्चों को कृषि और बागवानी का व्यावहारिक ज्ञान मिल रहा है, साथ ही वे पोषण के महत्व को भी समझ रहे हैं। ताजी सब्जियों के सेवन से बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार देखा जा रहा है और उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ा है। विद्यालय के शिक्षक श्री सूरज तिवारी के मार्गदर्शन में संचालित इन गतिविधियों में समुदाय की भी सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। यह समन्वय न केवल बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध हो रहा है, बल्कि विद्यालय को क्षेत्र में एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित कर रहा है।


