छत्तीसगढ़

नक्सल पुनर्वास नीति के अंतर्गत आत्मसमर्पित नक्सली को 2 लाख रूपए प्रोत्साहन राशि संवितरण

बीजापुर, 25 फरवरी 2026/sns/- कलेक्टर श्री संबित मिश्रा द्वारा छत्तीसगढ़ नक्सलवाद पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने हेतु जिले के आत्मसमर्पित नक्सली को 2 लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि आहरण एवं संवितरण की स्वीकृति दी गई है।

बच्चों की सुरक्षा सर्वाेपरिः अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने बीजापुर में की समीक्षा, दिए सशक्त दिशा-निर्देश
बीजापुर 25 फरवरी 2026- एक दिवसीय प्रवास पर बीजापुर पहुंचीं छत्तीसगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने सर्किट हाउस में विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर जिले में बाल संरक्षण तंत्र के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया।
बैठक के दौरान उन्होंने बालक एवं बालिका गृह में दर्ज बच्चों की अद्यतन जानकारी लेते हुए उनके रहन-सहन, खान-पान, स्वास्थ्य सुविधाओं एवं सुरक्षा व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की।

हेल्पलाइन के व्यापक प्रचार के निर्देश- अध्यक्ष डॉ. शर्मा ने चाइल्ड हेल्पलाइन, काउंसलर, अधीक्षक एवं संबंधित अधिकारियों से संस्था संचालन की स्थिति एवं सामने आ रही कठिनाइयों की जानकारी ली।
उन्होंने निर्देश दिए कि चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। सार्वजनिक स्थलों पर हेल्पलाइन नंबर का स्पष्ट प्रदर्शन हो। प्रत्येक थाना में बाल कल्याण अधिकारी का नाम एवं संपर्क नंबर अंकित किया जाए। बच्चों को बिना किसी भय या दबाव के अपनी समस्या बताने के लिए जागरूक किया जाए।

नशामुक्ति एवं काउंसलिंग पर जोर- बैठक में बच्चों को नशामुक्त करने के लिए विशेष अभियान चलाने तथा नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए काउंसलिंग और समुचित उपचार उपलब्ध कराने पर बल दिया गया। अध्यक्ष ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को किशोर न्याय अधिनियम तथा पॉक्सो एक्ट का गहन अध्ययन करने की समझाइश देते हुए कहा कि विधिक प्रावधानों की सही जानकारी से ही बच्चों के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।

संवेदनशीलता और समन्वय से मजबूत होगा तंत्र- डॉ. शर्मा ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी विभागों के समन्वय, संवेदनशीलता और सक्रियता से ही बाल संरक्षण तंत्र को मजबूत बनाया जा सकता है। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने आश्वस्त किया कि आयोग के दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन करते हुए जिले में बाल अधिकारों की सुरक्षा को और सुदृढ़ बनाया जाएगा।

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