छत्तीसगढ़

“राम जी” का विरोध, बौखलाहट की राजनीति

राजनांदगांव, 30 जनवरी 2026/sns/-केंद्र सरकार द्वारा पारित वीबी–जी राम जी विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम, 2025 को लेकर कांग्रेस जानबूझकर भ्रम फैला रही है। यह कांग्रेस की ग्रामीण विरोधी, मजदूर विरोधी और विकास विरोधी सोच को उजागर करता है। जब भी गरीब के जीवन में स्थायी बदलाव लाने वाला कोई सुधार आता है, कांग्रेस झूठ के सहारे उसका विरोध करने लगती है। आजादी के बाद रोजगार देने के लिए कई योजनाएं आईं, लेकिन नरेगा/मनरेगा समय के साथ भ्रष्टाचार, फर्जी मस्टर रोल, ठेकेदारी प्रथा और भुगतान में देरी का अड्डा बन गई। कांग्रेस ने रोजगार को विकास से जोड़ने के बजाय उसे केवल वोट बैंक का औजार बनाया। अब जब मोदी सरकार गांव, किसान और गरीब के उत्थान के लिए स्थायी मार्ग तैयार कर रही है तो कांग्रेस गांव गरीब और किसान के विकास मार्ग का रोड़ा बनने का प्रयास कर रही है। भारतीय जनता पार्टी के जिला मीडिया सह-प्रभारी रघु शर्मा ने केंद्र सरकार की विकसित भारत ‘जी राम जी’ को लेकर कांग्रेस पर तथ्यों के बिना विरोध करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह योजना आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा और सकारात्मक कदम है, जिसे केवल राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस योजना के नाम से ज्यादा दिक्कत है जबकि 

‘राम’ भारत की सांस्कृतिक और नैतिक चेतना का प्रतीक हैं। महात्मा गांधी जी के जीवन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि गांधी जी के अंतिम शब्द भी “हे राम” थे। ऐसे में यदि किसी योजना के नाम में ‘राम’ आता है, तो कांग्रेस किस बात का विरोध कर रही है, यह समझ से परे है। उन्होंने कांग्रेस से सवाल करते हुए कहा कि यदि पार्टी को इस योजना से आपत्ति है तो वह भावनात्मक बयानबाजी छोड़कर तथ्यों और ठोस तर्कों के साथ अपनी बात रखे। केवल नाम या राजनीतिक लाभ-हानि को देखकर विरोध करना जनता के हित में नहीं है। श्री शर्मा ने कहा कि यदि कांग्रेस को मनरेगा के स्थान पर लाई जा रही विकसित भारत ‘जी राम जी’ योजना में कोई कमी नजर आती है, तो उसे तथ्यों के साथ सामने लाए। “केवल नए बिल की खिलाफत के लिए विरोध करना उचित नहीं है,” यह बात कांग्रेस को समझनी होगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की यह योजना रोजगार, विकास और सामाजिक सशक्तिकरण को नए स्वरूप में आगे बढ़ाने का प्रयास है। 

00 योजना में पारदर्शिता से कांग्रेस को घबराहट

कांग्रेस यह झूठ फैला रही है कि रोजगार की गारंटी खत्म की जा रही है, जबकि सच्चाई यह है कि 100 दिन की गारंटी को बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है और इसे कानूनी संरक्षण दिया गया है। योजना डिमांड-ड्रिवन ही रहेगी और समय पर काम या भुगतान न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता का प्रावधान रहेगा। कांग्रेस को झूठ बोलने से पहले अधिनियम पढ़ लेना चाहिए। योजना को पारदर्शी बनाने के लिए  वीबी–जी राम जी में जियो-टैगिंग, GPS मैपिंग, डिजिटल ट्रैकिंग और AI आधारित सोशल ऑडिट को अनिवार्य कर भ्रष्टाचार की कमर तोड़ दी गई है। कांग्रेस को सबसे ज्यादा डर इसी पारदर्शिता से है, क्योंकि अब फर्जी जॉब कार्ड और घोटालों की कोई गुंजाइश नहीं बचेगी।

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