सुकमा, 22 जनवरी 2026/sns/-जिले में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और उनके अधिकारों के संरक्षण के लिए प्रशासन ने एक बड़ी पहल की है। कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन में “महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013“ के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु आयोजित पांच दिवसीय विशेष जागरूकता कार्यक्रम का सफल समापन हुआ।
आंतरिक शिकायत समितियों को किया गया सशक्त
इस प्रशिक्षण शिविर में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष के भीतर विभिन्न शासकीय विभागों की श्आंतरिक शिकायत समितिश् और “स्थानीय शिकायत समिति“ के अध्यक्षों व सदस्यों को अधिनियम की बारीकियों से अवगत कराया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं के लिए एक भयमुक्त और गरिमापूर्ण वातावरण सुनिश्चित करना है।
इन विभागों की रही सक्रिय सहभागिता
महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री शिवदास नेताम के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में जिला पंचायत, श्रम विभाग, उद्यानिकी, शिक्षा विभाग और नगरपालिका सहित कई विभागों के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। सत्र के दौरान महिला बाल विकास अधिकारी श्री रितेश कुमार टंडन और महिला संरक्षण अधिकारी (नवाबिहान) श्रीमती प्रमिला सिंह ने कानूनी प्रावधानों और शिकायत निवारण तंत्र पर विस्तृत प्रकाश डाला।
बाल विवाह मुक्त सुकमा का संकल्प
जागरूकता सप्ताह के अंतिम चरण में सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध भी बिगुल फूँका गया। डिप्टी कलेक्टर श्री शबाब खान ने उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को “बाल विवाह मुक्त सुकमा“ बनाने हेतु सामूहिक शपथ दिलाई। उन्होंने जोर दिया कि सुरक्षित बचपन और सशक्त नारी ही विकसित जिले की पहचान है।


