छत्तीसगढ़

जिले की 367 ग्राम पंचायतों में एक साथ आयोजित हुआ रोजगार दिवस

मुंगेली, 08 जनवरी 2025/sns/- महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत प्रतिमाह की 07 तारीख को रोजगार दिवस आयोजित किए जाने के प्रावधान के तहत आज जिले की सभी 367 ग्राम पंचायतों में रोजगार दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, अभियानों एवं मनरेगा के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई तथा व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया गया। साथ ही रोजगार दिवस के दौरान ग्रामीणों को “वीबी-जी राम जी योजना” के प्रावधानों से अवगत कराया गया। योजना के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों का रोजगार, साप्ताहिक मजदूरी भुगतान तथा ग्रामीण विकास को गति देने वाले कार्यों की जानकारी दी गई। इस मिशन को विकसित भारत-2047 के लक्ष्य से जोड़ते हुए जल संरक्षण, सिंचाई, भूजल पुनर्भरण, वाटरशेड विकास एवं वनीकरण जैसे कार्यों पर विशेष जोर दिया गया।
इसके साथ ही रोजगार दिवस में आजीविका डबरी निर्माण से होने वाले लाभों की जानकारी दी गई, जिससे किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सके और उनकी आय एवं आजीविका में वृद्धि हो। मनरेगा के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में चस्पा किए गए क्यूआर कोड के बारे में ग्रामीणों को जानकारी दी गई तथा उन्हें स्कैन कर पंचायत में योजना के तहत कराए गए निर्माण कार्यों की पारदर्शी जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान “मोर गांव मोर पानी” अभियान के तहत गांवों में जल के समुचित उपयोग, जल संरक्षण एवं जल स्रोतों के संवर्धन के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया गया। इसके अलावा मनरेगा के अंतर्गत कार्य की मांग, जॉब कार्ड का अद्यतन तथा मौके पर ही शिकायतों का निराकरण भी किया गया। रोजगार दिवस के आयोजन से जिले में रोजगार सृजन, आजीविका संवर्धन एवं जल संरक्षण के प्रति ग्रामीणों में सकारात्मक जागरूकता देखने को मिली।
कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने कहा कि, रोजगार दिवस के माध्यम से शासन की योजनाओं को सीधे ग्रामीणों तक पहुंचाया जा रहा है। वीबी-जी राम जी योजना के तहत अधिक रोजगार के अवसर, समय पर मजदूरी भुगतान और जल संरक्षण जैसे कार्यों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। यह पहल विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वहीं सीईओ जिला पंचायत श्री प्रभाकर पाण्डेय ने कहा कि, मनरेगा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि आजीविका संवर्धन और सतत ग्रामीण विकास का सशक्त साधन है। आजीविका डबरी, मोर गांव मोर पानी अभियान एवं क्यूआर कोड जैसी पहलों से पारदर्शिता बढ़ेगी और ग्रामीणों को योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *