छत्तीसगढ़

सीएम श्री विष्णुदेव साय की मंशा अनुरूप आंगनबाड़ी सेवाओं को हाईटेक और प्रभावी बनाने में जुटा प्रशासन

कलेक्टर ने समीक्षा बैठक में दिए आवश्यक निर्देश

सुकमा, 08 जनवरी 2026/sns/- मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से उतारने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। कलेक्टर श्री अमित कुमार ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी कि “जनहित की योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी“। उन्होंने जिले के हर पात्र हितग्राही तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने और कुपोषण को जड़ से मिटाने के लिए श्मिशन मोडश् में काम करने के निर्देश दिए।
कुपोषण के खिलाफ श्जीरो टॉलरेंसश् नीति
बैठक में कलेक्टर ने बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिए कि 100ः टेक होम राशनर सभी पंजीकृत हितग्राहियों को समय पर और पूर्ण मात्रा में राशन का वितरण सुनिश्चित किया जाए। डिजिटल मॉनिटरिंगरू पोषण ट्रेकर ऐप में प्रविष्टि को अनिवार्य करते हुए डेटा की शुद्धता पर जोर दिया गया। गंभीर कुपोषण पर प्रहार गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें तत्काल एनआरसी  (NRC) में भर्ती कराने और 15 दिनों के बाद उन्हें मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का भुगतान त्वरित रूप से करने के निर्देश दिए।
अंतर-विभागीय समन्वय से बढ़ेगी कार्यक्षमता
प्रशासन की इस पहल में स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के बीच बेहतर तालमेल पर बल दिया गया है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि गर्भवती माताओं के ANC पंजीयन और स्वास्थ्य जांच की जानकारी नियमित रूप से साझा की जाए, ताकि उन्हें शासन की योजनाओं का समय पर लाभ मिल सके।
कलेक्टर श्री अमित कुमार ने बैठक में स्पष्ट संदेश दिया कि हमारा लक्ष्य केवल आंकड़े जुटाना नहीं, बल्कि सुकमा के हर बच्चे और माता को स्वस्थ बनाना है। आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन नियमित हो और सभी शासकीय योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से जनता तक पहुंचे।
सुपोषण चौपाल और नवाचार
आंगनबाड़ी केंद्रों को केवल वितरण केंद्र न मानकर उन्हें पोषण शिक्षा का केंद्र बनाने के उद्देश्य से प्रत्येक केंद्र में श्सुपोषण चौपालश् का आयोजन किया जाएगा। श्तिरंगा भोजनश् (अनाज, दाल, सब्जी, अंडा) की प्रदर्शनी के माध्यम से ग्रामीणों को संतुलित आहार के प्रति जागरूक किया जाएगा।
कार्यकर्ताओं की दक्षता बढ़ाने हेतु “आवासीय प्रशिक्षण“
जमीनी स्तर पर सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रशासन अब कार्यकर्ताओं की स्किलिंग पर ध्यान दे रहा है। इसके लिए तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा, जिसकी सफलता का आकलन लिखित एवं मौखिक परीक्षा के माध्यम से होगा।

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