पहली बार फेंसिंग पर भी प्रति हेक्टेयर अनुदान
बलौदाबाजार, 02 जनवरी 2026/sns/- राज्य सरकार ने किसानों की आर्थिक समृद्धि को देखते हुए आयल पॉम की खेती को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। इसके तहत आयल पाम की खेती करने वाले किसानों को केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा अनुदान के अलावा राज्य सरकार टॉपअप के रूप में अतिरिक्त अनुदान दे रही है। यह अनुदान रखरखाव, अंतवर्तीय फसल, ड्रिप सिंचाई एवं फेंसिग के लिये दी जायेगी। सरकार की इन नीतिगत फैसलों से आयल पॉम की खेती के लिए किसान आकर्षित हो रहे है। इसका किसानों को दीर्घकालीन लाभ मिलेगा। उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा दी जा रही अनुदान के अतिरिक्त राज्य सरकार 69620 रूपये प्रति हेक्टेयर का अतिरिक्त टॉपअप अनुदान देगी। रखरखाव के लिए अब पहले से मिल रहे 5250 रूपये के अतिरिक्त 1500 रूपये प्रति हेक्टेयर, अंतरवर्तीय फसल के लिये 5250 रूपये के साथ 5000 रूपये प्रति हेक्टेयर तथा ड्रिप सिंचाई पर 14130 रूपये के अतिरिक्त 8635 रूपये प्रति हेक्टेयर का टॉपअप मिलेगा। पहली बार फेंसिग पर भी 54485 रूपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान दिया जायेगा। आयल पॉम एक दीर्घकालीन फसल है जिसमें रोपण के चौथे वर्ष से उत्पादन शुरू होकर लगभग 30 वर्षाे तक निरंतर आय मिलती है। पारंपरिक तिलहनी फसलों की तुलना में इसकी तेल उत्पादन क्षमता 4 से 6 गुना अधिक है।अधिक जानकारी के लिए शेखर जायसवाल मो.न.8103998548 पर संपर्क कर सकते है।


