बलौदाबाजार, 31 दिसम्बर 2025/sns/- कलेक्टर दीपक सोनी के मार्गदर्शन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी अतुल परिहार के नेतृत्व में महिला एवं बाल विकास विभाग के द्वारा वीर बाल दिवस 26 दिसम्बर की शौर्य गाथा को प्रसारित करने की मंशा से 26 दिसम्बर से 31 दिसम्बर की समयावधि में विविध आयोजन किया गया।
जिले के सभी विकासखण्डों के चयनित 10 स्वामी आत्मानंद विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिला बाल संरक्षण इकाई एवं जिला महिला सशक्तिकरण की संयुक्त टीम के द्वारा मिशन वात्सल्य योजना महिलाओं एवं बालकों की मदद् के लिए आपात कालीन नम्बरों 1098, 181, 1091 की जानकारी विद्यालयीन छात्रों को प्रदान की गई।वीर बाल दिवस अयोजन की शौर्यगाथा से भी छात्रों को अवगत कराया कि किस प्रकार 1704 ई. में गुरू गोविन्द सिंह के वीर संतान साहेबजादा बाबा जोरावर सिंह एवं साहेबजादा बाबा फतेहसिंह ने 9 और 7 साल की अल्पायु होते हुए भी अपने धर्म के प्रति अड़िग श्रद्धा का प्रर्दशन करते धर्म परिवर्तन के बदले शहादत का रास्ता चुना एवं गुरू गोविंद सिंह के सामने ही उनके दोनों बच्चों को जिन्दा ही दीवार में चुनवा दिया गया। इन वीरों की शहादत को नमन करने के लिए प्रतिवर्ष राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित किये जाने वाले वीर बाल दिवस कार्यक्रम की जानकारी छात्रों को प्रदान की गई एवं राष्ट्रीय स्तर पर 2025 एवं 2024 से राष्ट्रीय शौर्य पुरस्कार से सम्मानित होने वाली छत्तीसगढ़ के दूरस्थ वंनाचल कोंडागांव की बेटियों योगिता मण्डावी एवं हेमवती नाग की जीवनी एवं संघर्ष के बारे में विद्यालयीन जागरूकता कार्यक्रम में जानकारी दी गई।
वीर बाल दिवस थीम पर रंगोली, चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताएं भी विद्यालयों में आयोजित की गई। जिसमें विद्यालयीन छात्रों के द्वारा मनमोहक एवं संदेशप्रद रंगोली एवं चित्रकला तैयार किया गया। 30 से 31 दिसम्बर 2025 को आयोजित किये गये 10 विद्यालयीन जागरूकता कार्यक्रम में कुल 2100 विद्यालयीन छात्र सम्मिलित हुए।


