छत्तीसगढ़

जनगणना-2027 की तैयारी को लेकर समीक्षा बैठा 7 जनवरी को

सुकमा, 29 दिसम्बर 2025/sns/-आगामी जनगणना-2027 को सटीक, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सुदृढ़़ बनाने की दिशा में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। भारत सरकार, गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार ग्रामों की भौगोलिक सीमाओं एवं वास्तविक स्थिति को आधुनिक ळमव-त्ममितमदबपदह तकनीक से चिन्हित किया जा रहा है।
पूर्व परीक्षण अभ्यास के दौरान यह सामने आया कि कई ग्रामों की वास्तविक स्थिति और उपलब्ध मानचित्रों में गंभीर विसंगतियाँ हैं, जिसके कारण मकान सूचीकरण, गणना ब्लॉक निर्माण तथा एचएलबीसी वेब पोर्टल पर डेटा प्रविष्टि में बड़ी बाधाएँ उत्पन्न हुईं। इन्हीं समस्याओं को दूर करने हेतु अब प्रशासन द्वारा ग्रामों की सीमाओं को वैज्ञानिक पद्धति से दुरुस्त किया जा रहा है। इस महत्त्वपूर्ण कार्य को सफल बनाने के लिए जनगणना कार्य निदेशालय, रायपुर द्वारा जिलावार एवं तहसीलवार डिजिटल शेप फाइल (ैभ्च् थ्पसम) उपलब्ध कराई जा रही है तथा संबंधित अधिकारियों को नवीनतम तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इसी क्रम में 07 जनवरी को दोपहर 12 बजे कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में अर्ध-दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें निदेशक, जनगणना कार्य निदेशालय रायपुर के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने जीआईएस तकनीक, मानचित्र सत्यापन और डिजिटल डेटा प्रबंधन की बारीकियों से अधिकारियों को अवगत कराया।
प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों से आह्वान किया है कि वे अपने दो तकनीकी रूप से दक्ष सहयोगियों के साथ इस प्रशिक्षण में भाग लेकर जनगणना-2027 को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने में योगदान दें। यह पहल न केवल जनगणना प्रक्रिया की विश्वसनीयता बढ़ाएगी बल्कि ग्रामीण विकास योजनाओं को भी नई दिशा प्रदान करेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *