सुकमा, 9 दिसम्बर 2025/sns/-कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशानुसार जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुन्द ठाकुर ने सोमवार को जिले में संचालित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में नियद नेल्लानार अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), एनआरएलएम (बिहान) सहित कई महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति पर विभागीय अधिकारियों से जानकारी ली गई।
अपूर्ण आवास जल्द पूर्ण करें
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा के दौरान सीईओ ने वर्ष 2016 से 2023 तक के अपूर्ण आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। वर्ष 2024-2026 के लंबित आवासों को गति प्रदान करने तथा द्वितीय किस्त प्राप्त आवासों को तत्काल पूरा कराने पर भी जोर दिया गया। जिला सीईओ ने नियद नेल्लानार योजना के तहत द्वितीय किस्त वाले आवासों को प्राथमिकता देकर जल्द पूर्ण कराने को कहा। मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और अपात्र हितग्राहियों के रिमांड कार्य की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
एनआरएलएम: समूहों का 100ः सैचुरेशन सुनिश्चित करें
एनआरएलएम(बिहान) की समीक्षा में सीईओ ने सभी ब्लॉकों को निर्देशित किया कि महिला स्व-सहायता समूहों का शत-प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित किया जाए। हितग्राहियों को ईंट और सेंटरिंग प्लेट उपलब्ध कराई जाए। लखपति दीदी योजना के लक्ष्यों को निर्धारित समय में पूरा किया जाए।
मनरेगा कार्यों में कृषि आधारित गतिविधियों पर 60ः फोकस
मनरेगा समीक्षा के दौरान सीईओ ने कहा कि जिले के मनरेगा कार्यों में 60ः फोकस कृषि आधारित गतिविधियों पर रखा जाए।
इसके साथ ही सभी पंजीकृत श्रमिकों का ईकेवाईसी जल्द पूर्ण करने, युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से लेबर बजट तैयार करने, कोंटा विकासखंड में आधार-आधारित भुगतान 100ः लागू करने के निर्देश दिए। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की प्रगति पर चर्चा करते हुए सीईओ ने लंबित शौचालय स्वीकृतियों को तुरंत जारी कर निर्माण शीघ्र पूर्ण करने को कहा।
फील्ड विजिट अनिवार्य, लापरवाही पर कार्रवाई
सीईओ ठाकुर ने ब्लॉक कोऑर्डिनेटर, तकनीकी सहायक और सचिवों को प्रतिदिन फील्ड विजिट कर हितग्राहियों से संवाद स्थापित करने और उनकी समस्याओं का तुरंत समाधान करने के निर्देश दिए।
उन्होंने दो टूक कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आदेशों का पालन नहीं करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अनुपस्थित पाए गए 8 पंचायत सचिवों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ उनका वेतन रोकने के निर्देश भी दिए गए।
समीक्षा बैठक के जरिए सीईओ ने साफ संकेत दिया कि जिले की ग्रामीण योजनाओं में किसी भी प्रकार की ढिलाई अब स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में डिप्टी कलेक्टर श्री शबाब ख़ान, उपसंचालक पंचायत श्री रविशंकर वर्मा, सभी जनपद पंचायतों के सीईओ, कार्यक्रम अधिकारी, तकनीकी सहायक, बीपीएम, एरिया कोऑर्डिनेटर और सचिव बैठक में उपस्थित रहे।


