छत्तीसगढ़

रायगढ़ जिले में धान के अवैध परिवहन रोकने छत्तीसगढ़ और ओडिशा को जोड़ने वाली अंदरूनी सात जंगल रास्तों पर हुई बड़ी कार्रवाई


रायगढ़, 29 नवम्बर 2025/sns/- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में धान के अवैध परिवहन पर नकेल कसते हुए प्रशासन ने बीती रात एक निर्णायक और अभूतपूर्व कार्रवाई की। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर घरघोड़ा एसडीएम के नेतृत्व में संयुक्त प्रशासनिक टीम ने उन सात अंदरूनी जंगल रास्तों को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया, जिनका उपयोग ओडिशा से छत्तीसगढ़ में धान की अवैध आवक के लिए बनाए गए थे। ये रास्ते घने जंगलों के बीच से निकलते थे और कोचियों द्वारा लाल चंदन की तस्करी की तर्ज पर गुप्त रूप से तैयार किए गए थे, जहाँ से भारी मात्रा में धान लाकर विभिन्न स्थानों में खपाने की तैयारी थी।
 कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने बताया कि गुप्त सूचना मिलने पर प्रशासन की टीम देर रात मौके पर पहुंची। घरघोड़ा एसडीएम श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी ने जमीनी निरीक्षण कर तत्काल जेसीबी मंगवाई और सातों रास्तों की गहरी खुदाई कर उन्हें पूरी तरह बंद करा दिया, ताकि दोबारा इन मार्गों से किसी भी तरह का अवैध परिवहन न हो सके। कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद चार अंतरराज्यीय कोचियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। ये लोग न केवल अवैध परिवहन में शामिल पाए गए, बल्कि पूछताछ के दौरान अधिकारियों से विवाद और शासकीय कार्य में बाधा भी उत्पन्न कर रहे थे। इस आधार पर उनके विरुद्ध भा.द.वि. की धारा 126, 135(3) और 170 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। धान परिवहन के इस नेटवर्क का खुलासा तब हुआ जब 28 नवंबर को तहसील तमनार के ग्राम बिजना में ओडिशा से धान आने की सूचना प्राप्त हुई।
कलेक्टर के निर्देश के बाद एसडीएम घरघोड़ा, तहसीलदार तमनार, थाना प्रभारी तमनार तथा कृषि विभाग की टीम ने सीमा क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण में यह बात भी सामने आई कि ओडिशा से तमनार क्षेत्र तक धान की बड़े पैमाने पर अवैध आवाजाही के लिए सात गुप्त रास्तों का उपयोग लगातार किया जा रहा था। इन रास्तों से पहले कब-कब, कितनी मात्रा में धान लाया गया और कहां-कहां इसकी खपत की योजना थी, इन सबके संबंध में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। प्रशासन को उम्मीद है कि पूछताछ से इस अवैध गिरोह की और परतें खुलेंगी तथा कुछ और महत्वपूर्ण सुराग हाथ आएंगे।
 रायगढ़ जिले में धान के अवैध परिवहन, भंडारण और कोचियों-बिचौलियों की गतिविधियों पर प्रशासन कड़ी निगरानी रख रहा है। राजस्व, खाद्य एवं मंडी विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा अब तक 7 हजार 579 क्विंटल अवैध धान जब्त किया जा चुका है, जबकि ऐसे मामलों में कुल 48 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। जिले में सक्रिय कोचियों और बिचौलियों का चिन्हांकन कर उनके विरुद्ध दफा 107(6) के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई है। रायगढ़, पुसौर, खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, धरमजयगढ़, छाल, कापू, लैलूंगा और मुकडेगा इन सभी तहसीलों में मिलाकर कुल 70 व्यक्तियों पर कार्रवाई की गई है।
कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने कहा है कि धान के अवैध परिवहन, भंडारण और गुप्त मार्गों पर लगातार सतर्कता और सघन मॉनिटरिंग आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सीमा क्षेत्रों, गांवों एवं जंगलों में नियमित गश्त बढ़ाई जाए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल जांच कर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिले में धान खरीदी व्यवस्था के बीच अवैध व्यापार की किसी भी संभावना को समाप्त करने के लिए प्रशासन की यह कार्रवाई एक बड़े संदेश की तरह सामने आई है।

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