छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण का शुरुआत कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने की राजनीतिक दलों के साथ बैठक एवं मीडिया प्रतिनिधियों के साथ की प्रेसवार्ता

बीजापुर, 30 अक्टूबर 2025/sns/- भारत निर्वाचन आयोग द्वारा छत्तीसगढ़ सहित 12 राज्यों में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की तिथियों की घोषणा कर दी गई है। इसी क्रम में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री संबित मिश्रा ने मीडिया प्रतिनिधियों के साथ प्रेसवार्ता एवं राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक ली। कलेक्टर ने बताया कि प्रत्येक मतदान केंद्र में लगभग 1,000 मतदाता होते हैं। प्रत्येक मतदान केंद्र के लिए एक बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO) होता है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कई मतदान केंद्र होते हैं। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए एक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) होता है। ईआरओ एक  SDM स्तर का अधिकारी होता है, जो कानून के अनुसारः मसौदा मतदाता सूची तैयार करता है।
दावों और आपत्तियों को प्राप्त करता है और उन पर निर्णय लेता है। और अंतिम मतदाता सूची तैयार करता है और प्रकाशित करता है। प्रत्येक तहसील के लिए सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) होता है। जिला मजिस्ट्रेट ईआरओ के निर्णय के विरुद्ध प्रथम अपील की सुनवाई करते हैं। राज्य/संघ राज्य क्षेत्र के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डीईओ (जिला निर्वाचन अधिकारी) के निर्णय के विरुद्ध द्वितीय अपील की सुनवाई करते हैं।
बी.एल.ओ, (बूथ स्तरीय अधिकारी) नए मतदाता को शामिल करने के लिए फॉर्म 6 और घोषणा पत्र एकत्र करेंगे और मिलान/लिंकिंग (आधार से जोड़ना) में सहायता करेंगे। मतदाता को ई.एफ. (Electoral Form) भरने में मदद करेंगे उसे एकत्र करेंगे और ई.आर.ओ./ए.ई.आर.ओ. को जमा करेंगे। प्रत्येक मतदाता के घर का कम से कम 3 बार दौरा करेंगे। मतदाता, विशेषकर शहरी मतदाता/अस्थायी प्रवासी, ई.एफ. E.F ऑनलाइन भी भर सकते हैं। इसके अलावा बीएलओ मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित तथा एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत मतदाताओं की पहचान करेंगे। गणना चरण के दौरान ई.एफ. (E.F) के अलावा, ई.एफ. E.F के साथ कोई अन्य दस्तावेज एकत्र करने की आवश्यकता नहीं है। ईआरओ/एईआरओ को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी पात्र नागरिक छूटा नहीं है और कोई भी अपात्र व्यक्ति शामिल नहीं है। जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) ईआरओ के फैसले के खिलाफ पहली अपील की सुनवाई करेंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डीएम के निर्णय के खिलाफ दूसरी अपील की सुनवाई करेंगे।

SIR के प्रमुख चरणः
पूर्व-गणना चरण

बीएलओ, ईआरओ और डीईओ का प्रशिक्षण। बीएलओ द्वारा अंतिम एसआईआर के साथ मैन्युअल मिलान/लिंकिंग AECINET द्वारा अंतिम एसआईआर के साथ कंप्यूटर मिलान/लिंकिंग

 गणना चरण Enumeration Phase

विधिवत भरे गए गणना प्रपत्रों का मुद्रण, वितरण, मिलान/लिंकिंग और संग्रहण 1,200 मतदाताओं की अधिकतम सीमा वाले मतदान केंद्रों का युक्तिकरण।

मसौदा मतदाता सूची का प्रकाशन

ड्राफ्ट रोल में वे सभी मतदाता शामिल होंगे जिनके गणना फॉर्म प्राप्त हो गए हैं। ड्राफ्ट रोल में शामिल न किए गए अनुपस्थित/स्थानांतरित/मृत/डुप्लिकेट नामों की सूची सीईओ वेबसाइट/सार्वजनिक कार्यालयों पर डाली जाएगी।
ईआरओ/एईआरओ द्वारा नोटिस जारी करना और उस पर निर्णय लेना। उन मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे जिनका अंतिम एसआईआर से मिलानध्लिंक नहीं किया जा सका। मतदाता के रूप में उनकी पात्रता सुनिश्चित करने के लिए सांकेतिक दस्तावेजों का सत्यापन करना अंतिम एसआईआर से पहले उनके ठिकाने का पता लगाने के लिए सुनवाई।
ईआरओ/एईआरओ द्वारा दावे और आपत्तियां प्राप्त करना और उन पर निर्णय लेना।
मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों का कोई भी मतदाता या बीएलए दावा या आपत्ति दर्ज करा सकता है।

अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन

SIR से संबंधित महत्वपूर्ण तिथियों की जानकारी इस प्रकार हैः
1 मुद्रण/प्रशिक्षण कार्य दिनांक 28.10.2025 से 03.11.2025 तक
2 घर घर गणना चरण अवधि (घर-घर जाकर सत्यापन) कार्य दिनांक 04.11.2025 से 04.12.2025 तक
3 मसौदा मतदाता सूची का प्रकाशन दिनांक 09.12.2025
4 दावे और आपत्ति की अवधि दिनांक 09.12.2025 से 08.01.2026 तक
5 नोटिस चरण (सुनवाई और सत्यापन) दिनांक 09.12.2025 से 31.01.2026
6 मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन दिनांक 07.02.2026
यदि पिछले SIR के रिकॉर्ड नहीं मिलते हैं, तो म्त्व् द्वारा नोटिस जारी किया जाएगा और तब आवेदक को निम्न प्रकार के दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगेः
यदि जन्म 01.07.1987 से पहले भारत में हुआ हैः
स्वयं के लिए किसी भी एक दस्तावेज की प्रति दें जो जन्म तिथि या जन्म स्थान दर्शाए।
यदि जन्म 01.07.1987 से 02.12.2004 के बीच हुआ हैः
स्वयं का जन्म तिथि/स्थान दर्शाने वाला दस्तावेज, और माता या पिता में से किसी एक का भी ऐसा दस्तावेज।
यदि जन्म 02.12.2004 के बाद भारत में हुआ हैः
स्वयं, पिता और माता आवश्यक। तीनों के जन्म तिथि या स्थान प्रमाणित दस्तावेज यदि कोई अभिभावक भारतीय नागरिक नहीं है, तो उनके पासपोर्ट और वीजा की प्रति संलग्न करनी होगी।
यदि भारत से बाहर जन्म हुआ हैः
भारतीय दूतावास द्वारा जारी जन्म पंजीकरण प्रमाणपत्र संलग्न करें।
यदि भारतीय नागरिकता बाद में प्राप्त की गई हैः
नागरिकता पंजीकरण या प्राकृतिककरण प्रमाणपत्र संलग्न करें।
दस्तावेजों की उदाहरण सूची (स्व-प्रमाणित प्रतियाँ)
1. केंद्र/राज्य सरकार/पीएसयू के कर्मचारी पहचान पत्र या पेंशन आदेश
2. 01.07.1987 से पूर्व जारी कोई सरकारी प्रमाणपत्र/बैंक/डाकघर/एलआईसी दस्तावेज
3. जन्म प्रमाणपत्र
4. पासपोर्ट
5. मैट्रिकुलेशन या शैक्षणिक प्रमाणपत्र
6. स्थायी निवास प्रमाणपत्र (राज्य सरकार द्वारा जारी)
7. वनाधिकार प्रमाणपत्र
8. जाति प्रमाणपत्र (OBC/SC/ST)
9. नागरिक पंजी (NRC)
10. परिवार रजिस्टर (राज्य/स्थानीय प्राधिकरण द्वारा)
11. सरकारी भूमि/आवास आवंटन प्रमाणपत्र
12. आधार संबंधी दिशा-निर्देश पत्रांक 23/2025- ERS/Vol-II  (दिनांक 09.09.2025)
13. बिहार राज्य की 01.07.2025 संदर्भित SIR मतदाता सूची का अंश
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सहयोग एवं भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया। वहीं मीडिया प्रतिनिधियों से व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार कर मतदाताओं को जागरूक करने की अपील की।

बैठक में संयुक्त कलेक्टर एवं ईआरओ श्री जागेश्वर कौशल, उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री नारायण प्रसाद गवेल उपस्थित थे।

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