जगदलपुर, 19 सितम्बर 2025/sns/- भारत सरकार की सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 योजना के तहत, पूरे देश के साथ-साथ बस्तर जिले में भी राष्ट्रीय पोषण माह की शुरुआत होने जा रही है। 17 सितंबर से 16 अक्टूबर 2025 तक चलने वाले इस अभियान का शुभारंभ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के साथ किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के निर्देशानुसार बस्तर में भी इस अभियान का उद्देश्य स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता से जुड़े व्यवहारों में बदलाव लाना है, ताकि इसे एक जन आंदोलन का रूप दिया जा सके।
बस्तर में पोषण पंचायतों पर विशेष जोर
इस वर्ष के पोषण माह का मुख्य उद्देश्य बस्तर की ग्राम पंचायतों को सक्रिय करना है, ताकि यहां के स्थानीय समुदाय इस अभियान में पूरी तरह से शामिल हो सकें। जिला प्रशासन ने पंचायती राज संस्थाओं, नगरीय निकायों, सहयोगी विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं, और महिला स्व-सहायता समूहों के साथ मिलकर काम करने की योजना बनाई है। इसके अलावा, महिला मंडलों, नेहरू युवा केंद्रों, राष्ट्रीय सेवा योजना और नेशनल कैडेट कोर की भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है। इसका लक्ष्य ग्राम पंचायतों और सरपंचों को इस अभियान का केंद्र बनाकर जन आंदोलन को वास्तविक जनभागीदारी में बदलना है।
प्रमुख थीम और गतिविधियां
बस्तर में आयोजित होने वाली गतिविधियां पांच प्रमुख थीमों पर आधारित होंगी, जो इस क्षेत्र की विशिष्ट आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं।
मोटापे का समाधान संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा, ताकि आदिवासी क्षेत्रों में भी पोषण संबंधी जागरूकता बढ़े।
प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा पोषण भी पढ़ाई भी के माध्यम से बच्चों को शुरुआती शिक्षा के साथ-साथ सही पोषण देने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
एक पेड़ माँ के नाम पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा, जो प्रकृति और मातृ सम्मान के साथ जुड़ा होगा।
शिशु एवं छोटे बच्चों के आहार शिशु मृत्यु दर को कम करने और उनके स्वस्थ विकास को सुनिश्चित करने के लिए उचित पोषण प्रथाओं का प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
मेन-स्ट्रीमिंग पोषण से संबंधित मुद्दों को मुख्यधारा में लाकर सरकारी योजनाओं और सामुदायिक प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
स्थानीय कार्ययोजना और डेटा अपडेट
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें। सभी गतिविधियों की प्रगति को प्रतिदिन जन आंदोलन डैशबोर्ड पोर्टल पर अपडेट करना अनिवार्य होगा। सहयोगी विभागों को भी उनकी गतिविधियों की डेटा एंट्री नियमित रूप से करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। भारत सरकार द्वारा इन थीम-आधारित गतिविधियों की समीक्षा और रैंकिंग की जाएगी, जो बस्तर के प्रदर्शन को मापने में मदद करेगी।

