बलौदाबाजार,13 जुलाई 2025/sns/- खरगोश पालन हेतु अस्वस्थ खरगोश दिये जाने संबंधी मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग बलौदाबाजार ने विक्रेता शिओम एग्रो फार्म को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए क्रय किये गये खरगोशों की मुल्य राशि का 70 प्रतिशत राशि 21,350 एवं अन्य व्यय प्रदाय किये जाने का आदेश पारित किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार उपभोक्ता विवेक निराला ने विक्रेता शिओम एग्रो फार्म द्वारा विज्ञापन क़ो पढ़कर संपर्क किया।विक्रेता व्यवसायी द्वारा खरगोशो पर निःशुल्क बीमा तथा सारे खरगोश मर जाने पर लागत का 70 प्रतिशत वापस किये जाने के संबंध में बताया जिससे प्रभावित होकर आवेदक ने कुल 19 नग खरगोश क्रय किया। बाद में ज्ञात हुआ कि खरगोश अस्वस्थ थे। विक्रेता को जानकारी देने के बाद कोई कार्यवाही नही की गई। कुछ समय पश्चात समस्त खरगोश मर गये परंतु व्यवसायी द्वारा लागत का कोई पैसा उपभोक्ता को वापस नहीं किया गया। उपभोक्ता द्वारा जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग बलौदाबाजार में शिकायत प्रस्तुत किया गया। आयोग के अध्यक्ष छमेश्वर लाल पटेल व सदस्यगण हरजीत सिंह चांवला एवं श्रीमती शारदा सोनी ने उभयपक्ष की सुनवाई एवं दस्तावेजों का सुक्ष्म परिशीलन पश्चात् मामले में निष्कर्ष दिया कि ब्रोसर में उल्लेखित नियमावली के अनुसार मृत्यु पर 70 प्रतिशत राशि वापस किये जाने का उल्लेख है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार बीमारी से ग्रस्त अस्वस्थ खरगोश उपभोक्ता को दिया गया जिनकी मृत्यु हो चुकी है।ऐसी दशा में विक्रेता शिओम एग्रो फार्म ग्राम देवदा, आरंग को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए उपभोक्ता को क्रय किये गये खरगोशों की मुल्य राशि का 70 प्रतिशत राशि 21,350 एवं मानसिक तथा आर्थिक क्षति के रूप में 5000,वाद द व्यय के रूप में 2,000 रूपये आदेश दिनांक से 45 दिन के भीतर प्रदाय किये जाने का निर्णय सुनाया।

