छत्तीसगढ़

राष्ट्रीय मत्स्य कृषक दिवस पर आयोजित हुआ कृषक संगोष्ठी

धमतरी, 13 जुलाई 2025/sns/- कृषि विज्ञान केन्द्र एवं मछली पालन विभाग धमतरी के संयुक्त तत्वधान में आज कृषि विज्ञान केन्द्र धमतरी में कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. ईश्वर सिंह के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय मत्स्य कृषक दिवस सह तिलापिया कलस्टर हेतु एक दिवसीय कृषक संगोष्ठी कार्यक्रम कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री नेहरू निषाद ने मत्स्य कृषक दिवस की बधाई दी। उन्होंने कृषकों को कहा कि मछली पालन के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए वैज्ञानिक पध्दति को अपनाकर उचित अनुपात में मछली प्रजाति को संचित कर बेहतर कार्य करने की आवश्यकता है। प्रदेश अध्यक्ष मछुआरा प्रकोष्ठ श्री कृष्णा हिरवानी ने कहा कि मत्स्य पालक अधिक उत्पादन के लिए विभागीय योजनाओं का लाभ अवश्य उठायें और मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर सकते है।
इस अवसर पर प्रगतिशील कृषक श्री शशि पवार ने कहा कि मत्स्य उत्पादन में बेहतर कार्य करने के लिए सिर्फ मत्स्य बीज एवं फीड पर निर्भर ना होकर यदि उत्पादन की दृष्टि से देखना है, तो मत्स्य बीज संचय दर को समझना होगा। उन्होंने कहा कि ज्यादा मात्रा ना करके उचित मात्रा में ही संचय करना होगा, जिससे बेहतर उत्पादन हो सकें। सहायक मत्स्य अधिकारी डांॅ मुकेश राघव ने तिलापिया मछली पालन एवं विभाग की योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। वैज्ञानिक सुश्री मनीषा खापर्डे ने बताया कि साल 2001 में भारत सरकार ने 10 जुलाई को राष्ट्रीय मछली पालन दिवस के रूप में नामित किया था। इसका उद्देश्य एक्वाकल्वर में शामिल लोगों जैसे मछुआरें, मछली किसान, मत्स्य विशेषज्ञ और अन्य हितधारको के प्रति समर्थन व्यक्त करना था तथा देश को अपने मत्स्य पालन संसाधनों का प्रबंधन करने के तरीके को बदलने के आवश्यकता के बारें में जागरूकता बढ़ाना है। कार्यक्रम में प्रगतिशील मत्स्य कृषको ने अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र के अधिकारी एवं मछली पालन विभाग धमतरी के अधिकारी-कर्मचारी तथा मत्त्स्य कृषक सम्मिलित हुए।

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