बीजापुर, 23 मार्च 2026/sns/-केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) वीबी-जी राम जी (विकसित भारत-जी राम जी) अधिनियम 2025 के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने तथा युवाओं एवं नागरिकों की रचनात्मक सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रतिभागिता की अंतिम तिथियों को 15 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया है।
मंत्रालय द्वारा यह निर्णय युवाओं, विद्यार्थियों, स्वयंसेवकों एवं आम नागरिकों को अधिक समय प्रदान करने तथा देशभर से अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। माय जीओव्ही MyGov पोर्टल पर आयोजित लोगो ¼Logo) डिज़ाइन प्रतियोगिता तथा मायभारत (My Bharat) पोर्टल पर आयोजित राष्ट्रीय रील/वीडियो चैलेंज (’60 Seconds for My Village’) एवं विकसित भारत.जी राम जी क्विज कॉम्पीटिशन के माध्यम से प्रतिभागी अपने रचनात्मक विचारों, डिजिटल अभिव्यक्तियों एवं ज्ञान के जरिए ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और आजीविका संवर्धन से जुड़े विषयों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत कर सकते हैं।
अब लोगो ;Logo डिज़ाइन प्रतियोगिता में प्रविष्टि जमा करने की अंतिम तिथि जो पूर्व में 20 मार्च 2026 निर्धारित थी उसे बढ़ाकर 04 अप्रैल 2026 कर दिया गया है। इसी प्रकार राष्ट्रीय रील/वीडियो चैलेंज में भाग लेने की अंतिम तिथि जो 21 मार्च 2026 थी उसे बढ़ाकर 05 अप्रैल 2026 कर दिया गया है। वहीं विकसित भारत-जी राम जी क्विज कॉम्पीटिशन की अंतिम तिथि जो पहले 23 मार्च 2026 निर्धारित थी अब 07 अप्रैल 2026 तक बढ़ा दी गई है।
इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रतिभागियों को विकसित भारत जी राम जी अधिनियम 2025 के उद्देश्यों, प्रावधानों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं आजीविका के अवसरों के विस्तार से जुड़े विषयों को रचनात्मक और ज्ञानात्मक रूप से समझने एवं प्रस्तुत करने का अवसर मिल रहा है। यह पहल युवाओं को अपने गांवों के विकास से जोड़ते हुए श्युवा शक्ति, पंचायत की प्रगति की भावना को सशक्त बनाती है और विकसित भारत/2047 के विज़न को जन-आंदोलन का स्वरूप देने में सहायक सिद्ध हो रही है।
विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 ग्रामीण रोज़गार नीति में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन का प्रतीक है। यह अधिनियम ग्रामीण परिवारों के लिए प्रति वित्तीय वर्ष मज़दूरी रोज़गार की वैधानिक गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिनों तक करता है। साथ ही यह सशक्तिकरण, समावेशी विकास, योजनाओं के अभिसरण कंवर्जेंस तथा परिपूर्ण सैचुरेशन के माध्यम से सेवा प्रदाय को बढ़ावा देता है। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसरों का विस्तार करते हुए समृद्ध सक्षम और आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


