सुकमा, 18 मार्च 2026/sns/-छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत हो रहे कार्यों ने अन्य जिलों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में, 13 और 14 मार्च 2026 को जिला पंचायत कोण्डागांव की 8 सदस्यीय टीम ने सुकमा जिले का दो दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान टीम ने सुकमा के विकास की गाथा को करीब से देखा और यहाँ की नवीन कार्यप्रणालियों को अपने जिले में भी लागू करने की इच्छा जताई।
पहले दिन का अनुभव- छिंदगुड़ और झींगा पालन
भ्रमण के पहले दिन, टीम ने विकासखंड छिंदगढ़ के ग्राम कनकापाल में संचालित श्छिंदगुड़ निर्माणश् गतिविधि का अवलोकन किया। स्व-सहायता समूह की महिलाओं (दीदियों) ने न केवल निर्माण प्रक्रिया की जानकारी दी, बल्कि टीम को इसका स्वाद भी चखाया। इस अनूठी पहल से प्रभावित होकर कोण्डागांव टीम ने इसे अपने जिले में भी शुरू करने की योजना बनाई। शाम को टीम ने मुरतोण्डा में झींगा पालन गतिविधि का जायजा लिया।
दूसरे दिन का भ्रमणः- नवाचार और सेवा एक्सप्रेस
दूसरे दिन की शुरुआत विकासखंड कोंटा के बुरकापाल में आम प्लांटेशन के अवलोकन से हुई। इसके बाद टीम ने श्सेवा एक्सप्रेसश् अभियान के तहत चिंतलनार क्लस्टर के 12 कैडर्स/पीआरपी से मुलाकात की।
नवाचार की सराहना कोण्डागांव टीम ने श्सेवा एक्सप्रेसश् को एक अभिनव प्रयास बताते हुए इसे अपने जिले में अपनाने के लिए विशेष जिज्ञासा दिखाई।
आजीविका और आय लंच के बाद मरईगुडा वन क्षेत्र में समूह द्वारा संचालित मिर्च और कपास की खेती देखी गई। यहाँ समूह की दीदियों ने बताया कि वे लगभग 2 लाख रुपये का कपास और 3 लाख रुपये का धान बेच चुकी हैं, जबकि मिर्च की फसल से 1.50 लाख रुपये की अतिरिक्त आय संभावित है।
विकास की नई गाथा
जिला पंचायत सुकमा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित इस शैक्षणिक भ्रमण के दौरान राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला मिशन प्रबंधक श्री सत्य प्रकाश तिवारी निरंतर टीम के साथ रहे। भ्रमण के अंत में कोण्डागांव की टीम ने सुकमा जिले के विकास कार्यों और यहाँ के प्रशासनिक सहयोग की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।



