जगदलपुर, 10 मार्च 2026/sns/- जिले के विकासखंड मुख्यालय बस्तर में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित वृहद् महतारी वंदन सम्मेलन 2026 महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण का नया अध्याय साबित हुआ। लाल बहादुर शास्त्री मिनी स्टेडियम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में बस्तर की उन महिलाओं के हाथों को मजबूती दी गई, जो पारंपरिक सीमाओं को तोड़कर मत्स्यपालन के क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने महिला मत्स्य पालकों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से उन्हें जाल और आधुनिक आइसबॉक्स वितरित किए, जो उनके श्रम को सम्मान और उनकी आय को नई ऊंचाई प्रदान करेगा।
सशक्तिकरण की यह गूँज विकासखंड बस्तर के ग्राम भाटपाल, टाकरागुडा और भुरसुंडी में साफ देखी जा सकती है, जहाँ की निजी महिला मत्स्य कृषक पिछले 4-5 वर्षों से कड़ी मेहनत कर आर्थिक स्वावलंबन की ओर बढ़ रही हैं। विभाग द्वारा प्रदान किए गए इन संसाधनों का उद्देश्य इन महिलाओं को मत्स्याखेट के दौरान होने वाली शारीरिक परेशानियों से मुक्ति दिलाना और उन्हें अधिक ऊर्जा के साथ व्यवसाय विस्तार के लिए प्रेरित करना है। इसी कड़ी में ग्राम बड़ेचकवा की इन्द्रावती आदिवासी मछुआरा सहकारी समिति की महिला सदस्यों का साहस भी अनुकरणीय है, जो इन्द्रावती नदी और पंचायत तालाबों को लीज पर लेकर सफलतापूर्वक मछली पालन कर रही हैं। शासन द्वारा मिले जालों से अब इन आदिवासी महिलाओं का कार्य न केवल सुगम होगा, बल्कि उनकी उत्पादकता में भी भारी वृद्धि होगी।
महिला सशक्तिकरण का यह अभियान विकासखंड बकावंड के ग्राम पाहुरबेल तक जा पहुँचा, जहाँ कनकदेई, तुलावती और रदो नाग जैसी व्यक्तिगत महिला मछली पालकों के साथ-साथ दीपक महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं को भी मछली पकड़ने हेतु जाल प्रदान किए गए। इस पहल से यह बात साफ है कि बस्तर की महिलाएं अब केवल घर की चहारदीवारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे नीली क्रांति का नेतृत्व कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन रही हैं। इन आधुनिक उपकरणों को प्राप्त कर महिलाओं के चेहरों पर जो मुस्कान और आत्मविश्वास दिखा, वह इस बात की तस्दीक करता है कि जब शासन की योजनाएं सीधे महिलाओं के हाथों में पहुँचती हैं, तो समाज का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो जाता है। सभी लाभार्थियों ने इस प्रोत्साहन के लिए मुख्यमंत्री श्री साय का सहृदय आभार व्यक्त किया।

