मुंगेली, 09 मार्च 2026/sns/- ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जिले में कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार एवं जिला पंचायत सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय के मार्गदर्शन में इस योजना के माध्यम से महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ आजीविका संवर्धन और कौशल विकास के अवसर भी प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे वे न केवल परिवार की आर्थिक मजबूती में योगदान दे रही हैं बल्कि सामाजिक रूप से भी सशक्त बन रही हैं। जिले में मनरेगा के अंतर्गत कुल 98 हजार 512 महिलाएं सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 69 हजार 927 महिलाओं को 19.56 लाख मानव दिवस का रोजगार प्रदान किया जा चुका है। इससे प्रत्येक महिला को औसतन 07 हजार 47 रुपये की आय प्राप्त हुई है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक सुधार देखा जा रहा है।
मनरेगा के तहत महिलाओं के लिए आजीविका संवर्धन के उद्देश्य से आजीविका डबरी का निर्माण कराया जा रहा है। इन डबरियों के माध्यम से महिलाएं मछली पालन, सब्जी-भाजी उत्पादन और कृषि कार्य कर अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ रही है और वे आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। साथ ही मनरेगा के प्रोजेक्ट उन्नति के अंतर्गत श्रमिकों के कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में समूहों की महिलाओं को ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से 13 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 35 स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को कृषि सखी के रूप में प्रशिक्षित किया गया, जिससे महिलाओं के कौशल, आत्मविश्वास और रोजगार की संभावनाओं में वृद्धि हुई है।
मनरेगा कार्यों के संचालन में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मेट पदों पर भी उन्हें प्राथमिकता दी जा रही है। जिले में अब तक 01 हजार 117 महिलाओं का चयन मेट के रूप में किया गया है। ये महिलाएं विभिन्न कार्यस्थलों पर श्रमिकों के समन्वय और कार्य संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मनरेगा के अंतर्गत इच्छुक महिलाओं को डबरी, पशु शेड, बकरी शेड, सुअर शेड जैसे हितग्राही मूलक कार्यों की स्वीकृति भी दी जा रही है। इन कार्यों के माध्यम से महिलाएं अपने स्तर पर आजीविका के स्थायी साधन विकसित कर रही हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और मजबूत हो रही है। मनरेगा के माध्यम से रोजगार, कौशल विकास और आजीविका के अवसरों का यह समन्वित प्रयास ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार कर रहा है।

