छत्तीसगढ़

शासकीय विद्यालयों में आहता, शौचालय एवं मरम्मत कार्यों के लिए एक करोड़ 99 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति

महासमुंद, 07 मार्च 2026/sns/- कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिले के शासकीय विद्यालयों में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विकास हेतु आहता निर्माण, शौचालय निर्माण, लघु निर्माण एवं मरम्मत कार्य कराए जाएंगे।
समय-समय पर जनप्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न विद्यालयों में आहता, शौचालय एवं अन्य लघु निर्माण कार्य कराए जाने की मांग की गई थी। उक्त मांगों के परीक्षण के लिए विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों को वास्तविक आवश्यकता एवं औचित्य के आधार पर विद्यालयों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए गए थे। प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर चिन्हित शासकीय शाला भवनों में भवन निर्माण, मरम्मत एवं शौचालय निर्माण कार्य कराए जाना आवश्यक पाया गया। इसके लिए कुल 1 करोड़ 99 लाख 7 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह राशि जिला पंचायत महासमुन्द के शिक्षा मद से व्यय की जाएगी।
जिला मिशन समन्वयक श्री रेखराज शर्मा ने बताया कि विभिन्न निर्माण कार्यों में महासमुंद विकासखण्ड अंतर्गत 3 शासकीय प्राथमिक शाला एवं एक पूर्व माध्यमिक शाला में कुल 40 लाख 35 हजार रुपए की लागत से कुल 5 अतिरिक्ति कक्ष निर्माण किया जाएगा। इसी तरह बागबाहरा विकासखण्ड अंतर्गत 2 पूर्व माध्यमिक शाला एवं एक प्राथमिक शाला के लिए 45 लाख 92 हजार रुपए की लागत से नवीन भवन निर्माण कराया जाएगा। पिथौरा विकासखण्ड अंतर्गत 2 प्राथमिक शाला भवन में 9 लाख 88 हजार रुपए की लागत से क्रमशः अतिरिक्त कक्ष एवं शौचालय निर्माण कार्य किया जाएगा। वहीं बसना विकासखण्ड अंतर्गत 3 प्राथमिक शालाओं में कुल 7 अतिरिक्त कक्ष निर्माण, एक प्राथमिक शाला एवं 2 हायर सेकेण्डरी स्कूल में कुल 3 शौचालय निर्माण कार्य एवं एक प्राथमिक शाला भवन का मरम्मत कार्य किया जाएगा। जिसकी कुल लागत राशि 69 लाख 92 हजार रुपए है। इसी तरह सरायपाली विकासखण्ड अंतर्गत 2 प्राथमिक शाला एवं एक पूर्व माध्यमिक शाला के लिए 33 लाख रुपए की लागत से 3 नवीन भवन निर्माण कार्य किया जाएगा।
कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने निर्माण कार्यों के क्रियान्वयन के लिए कार्यपालन अभियंता, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा महासमुंद को निर्माण एजेंसी निर्धारित किया गया है। सभी स्वीकृत कार्यों को 30 जून 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग संबंधित विद्यालयों के प्राचार्यों द्वारा की जाएगी तथा कार्य की प्रगति की जानकारी समय-समय पर जिला शिक्षा कार्यालय को उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही प्रत्येक निर्माण स्थल पर ठेकेदार का नाम, स्वीकृत लागत आदि की जानकारी के साथ सूचना पटल अनिवार्य रूप से लगाने तथा कार्य पूर्ण होने के बाद भवन पर निर्माण सत्र 2025-26 अंकित किए जाने के निर्देश दिए हैं।

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