छत्तीसगढ़

अपार आईडी प्रगति आरटीई मेंटर्स के दायित्व एवं अर्धवार्षिक परीक्षा रणनीति पर जिला स्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न

कवर्धा, 21 नवंबर 2025/sns/- मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिले में शैक्षणिक गुणवत्ता के उन्नयन, बेहतर परीक्षा परिणाम तथा शिक्षा संबंधी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से स्वामी आत्मानंद इंग्लिश स्कूल, रानी दुर्गावती चौक कवर्धा के सभागार में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला शिक्षा अधिकारी श्री एफ.आर. वर्मा द्वारा की गई। बैठक में डाइट, डीएमसी, सहायक कार्यक्रम समन्वयक, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, खंड स्रोत समन्वयक एवं जिले के समस्त प्राचार्यगण उपस्थित रहे।
सहायक संचालक श्री डी.जी. पात्रा द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग की प्रमुख योजनाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। उन्होंने जिले के सभी शासकीय, अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त विद्यालयों में अपार आईडी एवं यू-डाइस पोर्टल की विद्यालयवार प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्य में तेजी लाने एवं समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के लिए संकुल प्राचार्य, संकुल शैक्षिक समन्वयक एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए।
एम.आई.एस. प्रशासक श्री सतीश यदु द्वारा शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अंतर्गत निजी विद्यालयों में अध्ययनरत अलाभित एवं वंचित वर्ग के बच्चों के ड्रॉपआउट रेट में कमी लाने हेतु जिला स्तर से नियुक्त मेंटर्स के दायित्वों पर विशेष मार्गदर्शन दिया गया। उन्होंने मेंटर्स को निजी विद्यालयों में जाकर बच्चों को सतत शैक्षणिक सहयोग एवं मानसिक संबल देने पर बल दिया। साथ ही सीजी पोर्टल अंतर्गत एचआरएमआईएस प्रणाली में ऑनलाइन अवकाश प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर भी चर्चा की गई।
बैठक में जिले के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, हाई एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों में अर्धवार्षिक परीक्षा के केन्द्रीयकृत आयोजन पर सर्वसम्मति बनी। कक्षा 5वीं, 8वीं, 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणाम में गुणात्मक सुधार हेतु राज्य कार्यालय से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुरूप विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर उसे समयबद्ध रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक विद्यालय में विद्यार्थियों को विषयवार ब्लूप्रिंट, प्रश्नों के अंक विभाजन, प्रश्नों के प्रकार, उत्तर लेखन शैली, शब्द सीमा आदि की जानकारी विषय विशेषज्ञों के माध्यम से देना सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया, जिससे जिले का समेकित परीक्षा परिणाम बेहतर हो सके।
बैठक में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित उम्मीद कार्यक्रम, नशा मुक्ति अभियान, तथा कोटपा एक्ट (तम्बाकू निषेध कानून) के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विस्तृत चर्चा की गई। सभी विद्यालयों में नियमित जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में “मेरा पढ़ाया बच्चा फेल नहीं हो सकता” की अवधारणा पर सार्थक एवं सकारात्मक चर्चा हुई। शैक्षिक रूप से कमजोर, पिछड़े एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए पृथक मार्गदर्शन कक्षाएं, उपचारात्मक शिक्षण एवं विशेष मार्गदर्शन सत्र आयोजित करने पर बल दिया गया।
जिला शिक्षा अधिकारी श्री एफ.आर. वर्मा द्वारा जिले में संचालित नवाचारी पहल “प्रत्येक दिवस एक कालखंड नियमित लेखन अभ्यास कार्यक्रम” की सराहना करते हुए इसके समुचित क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम से विद्यार्थियों की लेखन क्षमता, गति, त्रुटिरहित लेखन कौशल में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है, जिसका सीधा सकारात्मक प्रभाव परीक्षा परिणामों पर पड़ रहा है। बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों ने जिले में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार हेतु सामूहिक प्रतिबद्धता व्यक्त की और इस दिशा में सतत प्रयास जारी रखने का संकल्प लिया।

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