सुशासन को नई दिशा : सरगुजा संभाग में iGOT कर्मयोगी प्रशिक्षण सम्पन्न, प्रशासनिक दक्षता सुदृढ़ करने बड़ा कदम
अंबिकापुर, 16 फरवरी 2026।
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सुशासन, क्षमता निर्माण एवं परिणामोन्मुख प्रशासन को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए iGOT कर्मयोगी संभाग स्तरीय प्रशिक्षण आज कलेक्टर कार्यालय अंबिकापुर में पूर्वाह्न 11:30 बजे से 12:30 बजे तक सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का मार्गदर्शन सरगुजा संभाग के आयुक्त श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा (IAS) के निर्देशन में सम्पन्न हुआ, जबकि जिले में प्रशिक्षण की संपूर्ण व्यवस्था कलेक्टर सरगुजा श्री अजीत वसंत (IAS) के नेतृत्व में सुनिश्चित की गई।
इस अवसर पर राज्य स्तर से सुश्री अंजू सिंह, अवर सचिव, छत्तीसगढ़ शासन एवं नोडल अधिकारी (iGOT कर्मयोगी) द्वारा अधिकारियों को प्रशिक्षण एवं विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया। उन्होंने iGOT प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग, भूमिका आधारित प्रशिक्षण मॉड्यूल तथा प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाने के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चंपावत द्वारा मिशन कर्मयोगी के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी साझा की गई, जिसके अनुरूप प्रशिक्षण को परिणामोन्मुख स्वरूप प्रदान किया जा रहा है।
मुख्य सचिव श्री विकासशील के नेतृत्व में राज्य में प्रशासनिक क्षमता निर्माण, डिजिटल गवर्नेंस एवं नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से iGOT कर्मयोगी कार्यक्रम को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। प्रशिक्षण में अधिकारियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म आधारित शिक्षण प्रणाली, प्रशासनिक सुधार तथा सेवा गुणवत्ता में वृद्धि के विभिन्न आयामों से अवगत कराया गया।
प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे तथा संबंधित कार्यालयों के नामित नोडल अधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता की।
संभाग आयुक्त श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा (IAS) ने अपने संदेश में कहा कि iGOT कर्मयोगी केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं बल्कि प्रशासनिक कार्यसंस्कृति में परिवर्तन का माध्यम है, जिससे योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन एवं नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित होंगी।
उल्लेखनीय है कि iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिकारियों एवं कर्मचारियों का सतत क्षमता निर्माण कर राज्य में सुशासन की अवधारणा को और अधिक मजबूत बनाया जा रहा है। यह पहल प्रशासन को दक्ष, पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रही है।


