बीजापुर, 31 मार्च 2026/sns/-प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कृषि विज्ञान केंद्र बीजापुर में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्राकृतिक खेती पर राष्ट्रीय मिशन के अंतर्गत आयोजित किया गया जिसका उद्देश्य किसानों को पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम का नेतृत्व डॉ. राजकमल पटेल ने किया। इस अवसर पर डॉ. सुनीता पटेल, डॉ. मिथिलेश कुमार, डॉ. भूपेंद्र तराम, डॉ. शमशेर आलम, डॉ. दिनेश माराबी एवं श्री अरविंद आयाम सहित अन्य कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने रासायनिक उर्वरकों के सीमित उपयोग पर जोर देते हुए प्राकृतिक खेती के प्रमुख घटकों जैसे बीजामृत, जीवामृत, घनजीवामृत, नीमास्त्र एवं ब्रह्मास्त्र बनाने और उनके उपयोग की विधियों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन तकनीकों को अपनाने से मृदा की गुणवत्ता में सुधार, फसल उत्पादन में वृद्धि और पर्यावरण संरक्षण संभव है।
कार्यक्रम में वैज्ञानिकों ने जैविक इनपुट, मृदा प्रबंधन एवं एकीकृत कृषि प्रणाली जैसे विषयों पर भी विस्तृत जानकारी साझा की। उपस्थित किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए विशेषज्ञों से संवाद किया और प्राकृतिक खेती अपनाने के व्यावहारिक पहलुओं को समझा। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। अंत में किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों को अपनाकर सतत कृषि विकास की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।

