कवर्धा, 28 मार्च 2026/sns/- 1अप्रैल 2026 से विकसित भारत गारंटी फ़ॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी जी राम जी योजना) नए कानून के रूप में महात्मा गांधी नरेगा के स्थान पर प्रतिस्थापित हो रहा है। वर्तमान में इस योजना के सभी निर्माण कार्यों में लगे पंजीकृत श्रमिकों की उपस्थिति एनएमएमएस द्वारा फेस रीडिंग से हो रहा है। केंद्र एवं राज्य शासन के निर्देशानुसार एनएमएमएस में ई-केवाईसी किया जाना है। ऐसे श्रमिक जिन्होंने अपना ई-केवाईसी पूर्ण नहीं कराया है उन्हें इस योजना में रोजगार प्रदान नहीं किया जा रहा है। नई योजना में पारदर्शिता एवं जवाबदेही प्रशासन को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों की उपस्थिति कार्यस्थल पर दर्ज की जा रही है।
एनएमएमएस में ई-केवाईसी के लिए बचे पंजीकृत श्रमिक तत्काल इसे पूरा करें– कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा
इस संबंध में जानकारी देते हुए कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने बताया कि कबीरधाम जिले में महात्मा गांधी नरेगा योजना अंतर्गत 364960 एक्टिव पंजीकृत श्रमिक है। हमारे मैदानी कर्मचारी निर्माण स्थलों पर एवं घर-घर जाकर ई-केवाईसी का कार्य युद्ध स्तर पर कर रहे हैं। कबीरधाम ज़िले के सभी ग्राम पंचायतों में महात्मा गांधी नरेगा योजना अंतर्गत ऑनलाइन अटेंडेंस का कार्य मार्च महीने से ही प्रारंभ हो चुका है तथा ऐसे व्यक्ति जिनका ई-केवाईसी पूर्ण नहीं हुआ है वर्तमान में उन्हें रोजगार नहीं मिल रहा है। अतः पंजीकृत श्रमिक जो किन्हीं कारण से अपना ई-केवाईसी एनएमएमएस एप्प में नहीं कराए हैं उन सभी से आग्रह करना चाहूंगा कि वह अपने ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक या सचिव से संपर्क कर एनएमएमएस में ई-केवाईसी का कार्य अनिवार्य रूप से पूर्ण करें। अन्यथा राज्य शासन के निर्देशानुसार ऑनलाइन अटेंडेंस नहीं होने के कारण उन्हें रोजगार देने में परेशानियां उत्पन्न होगी।
मनरेगा के चल रहे कार्यो में, पंचायत भवन एवं ग्राम रोजगार सहायक से संपर्क कर लोग अपना ई-केवाईसी कर सकते हैं– सीईओ जिला पंचायत
इस संबंध में जानकारी देते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान में 97 प्रतिशत पंजीकृत श्रमिकों का ई-केवाईसी पूर्ण कर लिया गया है। योजना में कुल 364960 पंजीकृत श्रमिक एक्टिव है जिनमें से 352858 श्रमिकों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है। ई-केवाईसी के लिए मात्र 12102 श्रमिक आज की स्थिति में शेष है। मैदानी कर्मचारी लगातार बचे हुए लोगों से ई-केवाईसी करने के लिए संपर्क कर रहे है। बचे हुए लोग अपने ग्राम पंचायत के निर्माण कार्य के दौरान पंचायत भवन या फिर अपने रोजगार सहायक से संपर्क कर ई-केवाईसी की कार्रवाई पूर्ण करा कर योजना का लाभ फिर से प्राप्त कर सकते हैं।
एनएमएमएस एप्प क्या है और इससे क्या फायदा होगा…
एनएमएमएस का पूरा नाम नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम है । यह ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत कामगारों का रियल टाइम भौगोलिक उपस्थिति दर्ज करता है। एनएमएमएस एक अनिवार्य मोबाइल एप्लिकेशन है जो फेस ऑथ फीचर से कर्मचारियों के बायोमेट्रिक फेस स्कैन को संबंधित व्यक्ति के आधार डेटा से जोड़ता है। यह कदम जवाबदेही एवं पारदर्शी प्रक्रिया को आगे बढ़ाता है। यह डिजिटल पारदर्शिता द्वारा फर्जी उपस्थिति की शिकायत को खत्म करने में मददगार साबित होगा। क्योंकि इसमें श्रमिकों की उपस्थिति केवल फोटो खींचकर नहीं, बल्कि उनके चेहरे को स्कैन करके किया जाता है। श्रमिकों का चेहरा उनके आधार डेटा से मिलाया जाता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सही व्यक्ति काम पर मौजूद है। इससे फर्जी हाजिरी और भ्रष्टाचार को रोकने में बहुत मदद मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि महात्मा गांधी नरेगा के कार्यों में एनएमएमएस के द्वारा हाजिरी दर्ज करने का कार्य प्रारंभ हो चुका है। ऐसे पंजीकृत श्रमिक जिनका एनएमएमएस में ई-केवाईसी नहीं हुआ है उनसे अपील की जाती है कि वे अपने ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक, सचिव, पंचायत भवन एवं मनरेगा अंतर्गत चल रहे कार्यों में जाकर ई-केवाईसी पूरा करा सकते हैं और फिर से रोजगार प्राप्त कर सकते हैं।

