अम्बिकापुर 18 मार्च 2026/sns/- छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं से ग्रामीण अंचलों में महिला सशक्तिकरण की नई इबारत लिखी जा रही है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के माध्यम से जिले की ग्रामीण महिलाएँ न केवल आर्थिक रूप से सुदृढ़ हो रही हैं, बल्कि अपने परिवार के लिए एक उज्ज्वल भविष्य की नींव भी रख रही हैं। सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत सरगवां की निवासी श्रीमती अंजू गोलदार की है, जिन्होंने डेयरी व्यवसाय को अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति में क्रांतिकारी बदलाव लाया है।
पशुपालन से आर्थिक तंगी से मिली राहत
श्रीमती अंजू गोलदार बताती हैं कि एक समय उनकी आर्थिक स्थिति चुनौतीपूर्ण थी। परिवार का भरण-पोषण और बच्चों की उच्च शिक्षा को लेकर वे हमेशा चिंतित रहती थीं। ’बिहान’ योजना से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा मोड़ आया। उन्होंने शासन की सहायता से डेयरी गतिविधि हेतु गाय क्रय करने के लिए ऋण प्राप्त किया। आज उनके पास जर्सी नसल की दो गाय हैं। जिससे उनके लिए आय के नए द्वार खोल दिए।
महीने की 15 हजार तक की शुद्ध बचत
अंजू के बतातीं हैं कि वर्तमान में डेयरी व्यवसाय से उन्हें प्रतिमाह लगभग 20 से 22 हजार रुपये की आय प्राप्त हो रही है। सभी खर्चों की कटौती के बाद वे 12 से 15 हजार रुपये तक की नियमित शुद्ध बचत कर पा रही हैं। उन्होंने बताया कि इस राशि से अब वे अपने दोनों बच्चों की अच्छे विद्यालय में पढ़ाई सुनिश्चित कर पा रही हैं।
खेती-किसानी में भी मिला संबल
डेयरी व्यवसाय का लाभ केवल दुग्ध विक्रय तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इससे प्राप्त अतिरिक्त आय का उपयोग अंजू अपने खेती-किसानी के कार्यों को और अधिक उन्नत बनाने में कर रही हैं। इससे उनके कृषि उत्पादन में भी वृद्धि दर्ज हो रही है।
शासन की योजनाओं के लिए जताया आभार
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय राज्य शासन की नीतियों को देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। अंजु गोलदार का कहना है कि महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए चलाई जा रही योजना सराहनीय हैं। घरेलू महिलाओं के लिए डेयरी फार्मिंग का ऋण एक वरदान साबित हो रहा है। उन्होंने अन्य ग्रामीण महिलाओं से भी अपील की है कि वे ’बिहान’ योजना से जुड़कर अपनी रुचि के अनुसार आजीविका गतिविधियों को अपनाएं और स्वयं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएं।

