रायगढ़, 17 मार्च 2026/sns/- धरमजयगढ़ विकासखंड के सुदूर वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत पाराघाटी की रहने वाली रजनी केरकेट्टा आज आत्मनिर्भरता की एक प्रेरक मिसाल बनकर उभरी हैं। सीमित संसाधनों के बीच जीवन-यापन करने वाली रजनी ने स्व-सहायता समूह से जुड़कर न केवल अपनी सोच बदली, बल्कि अपनी आर्थिक स्थिति को भी मजबूत किया।
रजनी जीवन ज्योति स्व-सहायता समूह से जुड़कर धीरे-धीरे सक्रिय हुईं। शुरुआत में वे बैठकों में शामिल होती थीं, लेकिन समूह से मिली जानकारी और सहयोग ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया। बाद में उन्होंने सक्रिय रूप से काम करना शुरू किया और अपने पैरों पर खड़े होने का निर्णय लिया। रजनी बताती हैं कि पहले वे घर तक ही सीमित थीं, लेकिन समूह से जुड़ने के बाद उन्हें कुछ नया करने की प्रेरणा मिली। इसी सोच के साथ उन्होंने अपनी आय बढ़ाने के लिए खुद का काम शुरू करने का निर्णय लिया। उन्होंने ग्रामीण बैंक चरखापारा से 1 लाख रुपये का ऋण लिया और मुर्गा फार्म (पोल्ट्री) का व्यवसाय शुरू किया। शुरुआत में कुछ चुनौतियां आईं, लेकिन मेहनत और लगन से उन्होंने अपने काम को आगे बढ़ाया। आज उनका मुर्गा फार्म सफलता पूर्वक संचालित हो रहा है और उन्हें इससे नियमित आय प्राप्त हो रही है। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और वे घर के खर्चों में भी सहयोग कर रही हैं।
रजनी केरकेट्टा की यह सफलता आसपास की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही है। अब क्षेत्र की महिलाएं भी स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपनी आजीविका शुरू करने के लिए आगे आ रही हैं। रजनी की कहानी यह बताती है कि यदि अवसर और सही मार्गदर्शन मिले, तो सुदूर वनांचल की महिलाएं भी आत्मनिर्भर बनकर अपनी जिंदगी में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं।

