राजनांदगांव, 20 फरवरी 2026/sns/-छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा राजनांदगांव, मोहला-मानपुर- अम्बागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई एवं कबीरधाम जिले के सभी वितरण केन्द्रों में आमजनों को स्मार्ट मीटर की विविध सुविधाओं का लाभ दिलाने के लिए स्मार्ट मीटर पखवाड़ा के तहत जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। बिजली उपभोक्ताओं को अत्याधुनिक सुविधाओं से अवगत कराने के उद्देश्य से चलाए जा रहे स्मार्ट मीटर जागरूकता पखवाड़ा के तहत राजनांदगांव शहर के कैलाश नगर स्थित विद्युत कार्यालय प्रांगण में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बिजली विभाग के अधिकारियों द्वारा उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर की उपयोगिता, सटीक बिलिंग प्रक्रिया और बिजली खपत में पारदर्शिता के बारे में विस्तार से बताया गया।
स्मार्ट मीटर पखवाड़ा के तहत आकर्षक नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया गया, जिसके माध्यम से स्मार्ट मीटर के लाभों को सरल और मनोरंजक तरीके से आम जनता तक पहुँचाया गया। इस कार्यक्रम में उपभोक्ताओं को मोर बिजली ऐप डाउनलोड करवाया गया, ताकि वे अपने मोबाइल पर ही हर आधे घंटे की वास्तविक समय में बिजली खपत की निगरानी कर सकें। कार्यक्रम में उपभोक्ताओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। शहर के पश्चिम जोन एवं पूर्वी जोन से 145 उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर को लेकर अपना सकारात्मक फीडबैक दर्ज कराया। इस अवसर पर में राजनांदगांव वृत्त्त के अधीक्षण अभियंता श्री शंकेश्वर कंवर, ईई राजनांदगांव संभाग श्री कौशलेन्द्र पाण्डे, सहायक अभियंता श्री रोहित मंडावी, श्री प्रकाश नारायण वर्मा, कनिष्ठ अभियंता श्री कीर्ति देशमुख, सुश्री नेहा गढ़पायले के साथ जीनस पावर की टीम और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं के अत्याधुनिक तकनीक से सशक्त बनाना और स्मार्ट मीटर के अद्वितीय लाभों से परिचित कराकर एवं स्मार्ट मीटर को लेकर व्याप्त भ्रांतियों को दूर करते हुए, उन्हें निर्बाध बिजली सेवाओं और सटीक बिलिंग के नए दौर की ओर ले जाना है। इस अभियान के तहत सभी विद्युत उपभोक्ताओं को आधुनिक बिजली सेवाओं के लिए प्रेरित करते हुए स्मार्ट मीटर के माध्यम से पारदर्शिता और दक्षता को प्रोत्साहित कर उन्हें अपने मोबाइल के माध्यम से स्मार्ट मीटर में दर्ज खपत को देखने और उनके अनुसार ऊर्जा की बचत करने के तरीके की जानकारी दी गई। जिसके परिणामस्वरूप कुल 75 उपभोक्ताओं ने मौके पर ही अपने मोबाइल में ‘‘मोर बिजली ऐप’’ डाउनलोड किया। अधिकारियों ने उन्हें ऐप के माध्यम से बिजली खपत की रियल-टाइम मॉनिटरिंग और ऑनलाइन बिल भुगतान की प्रक्रिया सिखाई।

