सुकमा, 16 फरवरी 2026/sns/-शनिवार कलेक्टर श्री अमित कुमार ने शनिवार को जिला मुख्यालय सुकमा स्थित विभिन्न शासकीय संस्थानों और निर्माणाधीन परियोजनाओं का सघन औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सभी प्रोजेक्ट्स को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करना अनिवार्य होगा।
लाइब्रेरी को “ईको-फ्रेंडली“ और आधुनिक बनाने पर जोर
कलेक्टर ने अपने भ्रमण की शुरुआत सेंट्रल लाइब्रेरी के निरीक्षण से की। उन्होंने निर्माणाधीन भवन की प्रगति का जायजा लेते हुए इसे शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लाइब्रेरी को न केवल सर्वसुविधायुक्त बनाया जाए, बल्कि इसे आकर्षक और ईको-फ्रेंडली स्वरूप भी दिया जाए। उन्होंने वहां आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता और निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।
अमृत मिशन की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान उन्होंने नगरपालिका क्षेत्र में अमृत मिशन के तहत बनाई जा रही पानी टंकी का भी अवलोकन किया और जल प्रदाय व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने हेतु संबंधित अधिकारियों को पाबंद किया।
सुपोषण चौपाल और वृद्धाश्रम का जायजा
सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर बगीचापारा स्थित आँगनबाड़ी केंद्र पहुंचे, जहाँ उन्होंने “सुपोषण चौपाल“ के तहत हितग्राहियों से सीधा संवाद किया। इसके बाद उन्होंने प्रस्तावित वृद्धाश्रम के भवन का निरीक्षण किया और वहां बुजुर्गों के लिए आवश्यक सुविधाओं व संसाधनों की व्यवस्था एक तय समय-सीमा के भीतर करने के निर्देश दिए।
साइंस पार्क में जुड़ेंगे एआई और वीआर जैसे आधुनिक सेक्शन
शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में नवाचार करते हुए कलेक्टर ने साइंस पार्क के निरीक्षण के दौरान महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने पार्क में वीआर लैब और एआई ट्रेनिंग सेक्शन बनाने के निर्देश दिए। बायोलॉजी, केमिस्ट्री और फिजिक्स लैब में बच्चों के लिए उत्कृष्ट व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
स्पोर्ट्स सेंटर में बढ़ाए जाएंगी सुविधाएं, जल्द तैयार होगा खेल मैदान
कलेक्टर ने मल्टियूटिलिटी स्पोर्ट्स सेंटर का भी बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने स्विमिंग पूल, बैडमिंटन कोर्ट, क्रिकेट वॉलीबॉल कोर्ट और बाउंड्रीवाल के निर्माण कार्यों की समीक्षा की। कार्यों में विलंब न हो, इसके लिए उन्होंने लेबर (श्रमिकों) की संख्या बढ़ाने और लेआउट के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण निर्माण करने के कड़े निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान संबंधित जिलाधिकारी उपस्थित थे।


