छत्तीसगढ़

पंचायतों में कृषि चौपाल का आयोजन, 27 फ़रवरी तक मिलेगी किसानों को योजनाओं की जानकारी

बलौदाबाजार,10 फरवरी 2026/sns/-कलेक्टर दीपक सोनी के मार्गदर्शन में कृषि विभाग एवं समवर्गीय विभागों द्वारा संयुक्त रूप से योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाये जाने के उद्देश्य से 10 से 27 फरवरी 2026 तक कृषि चौपाल का आयोजन ग्राम पंचायत स्तर पर किया जा रहा है। चौपाल में किसान उपस्थित होकर विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर लाभ ले सकते हैं।कृषि चौपाल का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से संबंधित समस्याओं का निराकरण एवं पात्र शेष किसानों का सत्यापन कर नवीन पंजीयन करना है। योजना का उद्देश्य कृषि भूमिधारक पात्र कृषक परिवारों को कृषि आदान सामग्री की पूर्ति सुनिश्चित् करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है। योजना के तहत् पंजीकृत पात्र कृषकों को प्रति वर्ष 6000 रुपये की राशि दो-दो हजार की तीन समान किस्तों में प्रदान की जाती है।

उप संचालक कृषि दीपक कुमार नायक ने बताया कि जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनांतर्गत राज्य में सबसे अधिक 127367 किसानों को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है। कृषि चौपाल में पीएम-किसान योजना अंतर्गत किसानों के पंजीयन की स्थिति, ई-केवायसी, भूमि विवरण, बैंक आधार सीडिंग, संदिग्ध पंजीयनों की पहचान एवं सत्यापन तथा पंजीकृत हितग्राहियों द्वारा एग्री स्टेक के माध्यम से फार्मर आईडी निर्माण आदि की जानकारी से अवगत कराया जा रहा है जिससे कि आगे भी पीएम-किसान योजना का निरंतर लाभ प्राप्त कर सके। साथ ही पीएम-किसान सम्मान निधि योजनांतर्गत पंजीकृत लघु एवं सीमांत किसान जिनकी उम्र 18 से 40 वर्ष के मध्य है उन्हे केन्द्र सरकार की पेंशन योजना प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना के बारे में जानकारी प्रदान करते हुए, ग्राहक सेवा केन्द्रों के माध्यम से पंजीयन कराया जा रहा है ।

प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) योजना अंतर्गत न्यूनतम समर्थन मूल्य में चना, मसूर एवं सरसों फसलों की खरीदी हेतु जानकारी देना एवं पंजीयन करना। इस योजना हेतु जिले के 5 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति बलौदाबाजार, अमेरा, धुर्राबांधा, सिमगा एवं कसडोल को अधिसूचित किया गया है। किसान, उक्त सहकारी समितियों अथवा ग्राहक सेवा केन्द्रों में संपर्क कर एनसीसीएफ की पोर्टल ई-समयुक्ति में अपना पंजीयन करा सकते हैं। साथ ही खरीफ फसलों हेतु उर्वरकों का अग्रीम उठाव अपने संबंधित सहकारी समितियों के माध्यम से वर्तमान में कर लेवें, ताकि बाद में उर्वरक की कमी की समस्या न हो। किसानों को शिविर में प्राकृतिक खेती की जानकारी प्रदान की जावेगी। साथ ही प्राकृतिक खेती में उपयोग होने वाले आदान सामग्रियों के निर्माण एवं उपयोग तथा लाभ के संबंध में अवगत कराया जावेगा। किसान भाई खेती-किसानी के प्रयोग में आने वाली आदान सामग्रियों जैसे – खाद, उन्नत बीज, कृषि यंत्र, पौध संरक्षण, कीटव्याधि एवं उन्नत कृषि तकनीक आदि की जानकारी एवं सलाह प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही कृषि कार्यों एवं योजनाओं के संबंध में आने वाली समस्याओं के संबंध में जानकारी प्राप्त कर उचित निराकरण करा सकते है

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